प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उमेश अग्रवाल फाउंडेशन की ओर से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय उमेश अग्रवाल की 66वीं जयंती को मातृ पितृ भक्ति दिवस के रूप में मनाया गया।कार्यक्रम का आयोजन देहरादून में किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक,जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय उमेश अग्रवाल की स्मृति में काव्य पाठ से हुई। इस अवसर पर विख्यात कवि गजेंद्र सोलंकी सहित अन्य कवियों ने काव्य प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर किया। मातृ पितृ भक्ति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य अतिथियों ने स्वर्गीय उमेश अग्रवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उमेश अग्रवाल समाज,संगठन और व्यापारियों के हितों के लिए निरंतर कार्य करने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापारी नेता के रूप में अलग पहचान बनाई। वे सरकार और व्यापारियों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ पितृ भक्ति दिवस जैसे आयोजन समाज में संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से संबंधित कानून लागू किया गया है,जिससे बुजुर्गों को कानूनी सुरक्षा मिलती है। साथ ही समान नागरिक संहिता कानून में भी वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा,अधिकार और भरण-पोषण से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थ अग्रवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया है और यह एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने वरिष्ठजनों को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान,सुरक्षा और सुविधाओं के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी स्वर्गीय उमेश अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साथ जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि उमेश अग्रवाल संगठन के कार्यों के प्रति अत्यंत सजग और समर्पित रहते थे। उनका व्यक्तित्व आज भी प्रेरणा देता है और उनके संस्कार सिद्धार्थ अग्रवाल के कार्यों में दिखाई देते हैं।राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपे गए प्रत्येक दायित्व को उमेश अग्रवाल पूरी निष्ठा और गंभीरता से निभाते थे। वे हर विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ चर्चा करते और निर्णयों को सहजता से स्वीकार करते थे।उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ अग्रवाल ने अपने माता-पिता के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम के संयोजक और उमेश अग्रवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने सभी अतिथियों और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन लगातार समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय है। कोरोना काल से अब तक हजारों वैक्सीन,निशुल्क चश्मे,व्हीलचेयर का वितरण किया गया है। इसके साथ ही कन्या पूजन,पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन आगे भी समाज हित में निरंतर कार्य करता रहेगा।कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि,
सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग,व्यापारी वर्ग,पार्षद,कार्यकर्ता,वरिष्ठ नागरिक,माताएं-बहनें और उमेश अग्रवाल फाउंडेशन के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उमेश अग्रवाल फाउंडेशन की ओर से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय उमेश अग्रवाल की 66वीं जयंती को मातृ पितृ भक्ति दिवस के रूप में मनाया गया।कार्यक्रम का आयोजन देहरादून में किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक,जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय उमेश अग्रवाल की स्मृति में काव्य पाठ से हुई। इस अवसर पर विख्यात कवि गजेंद्र सोलंकी सहित अन्य कवियों ने काव्य प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर किया। मातृ पितृ भक्ति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य अतिथियों ने स्वर्गीय उमेश अग्रवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उमेश अग्रवाल समाज,संगठन और व्यापारियों के हितों के लिए निरंतर कार्य करने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापारी नेता के रूप में अलग पहचान बनाई। वे सरकार और व्यापारियों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ पितृ भक्ति दिवस जैसे आयोजन समाज में संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से संबंधित कानून लागू किया गया है,जिससे बुजुर्गों को कानूनी सुरक्षा मिलती है। साथ ही समान नागरिक संहिता कानून में भी वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा,अधिकार और भरण-पोषण से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थ अग्रवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया है और यह एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने वरिष्ठजनों को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान,सुरक्षा और सुविधाओं के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी स्वर्गीय उमेश अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साथ जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि उमेश अग्रवाल संगठन के कार्यों के प्रति अत्यंत सजग और समर्पित रहते थे। उनका व्यक्तित्व आज भी प्रेरणा देता है और उनके संस्कार सिद्धार्थ अग्रवाल के कार्यों में दिखाई देते हैं।राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपे गए प्रत्येक दायित्व को उमेश अग्रवाल पूरी निष्ठा और गंभीरता से निभाते थे। वे हर विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ चर्चा करते और निर्णयों को सहजता से स्वीकार करते थे।उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ अग्रवाल ने अपने माता-पिता के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम के संयोजक और उमेश अग्रवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने सभी अतिथियों और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन लगातार समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय है। कोरोना काल से अब तक हजारों वैक्सीन,निशुल्क चश्मे,व्हीलचेयर का वितरण किया गया है। इसके साथ ही कन्या पूजन,पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन आगे भी समाज हित में निरंतर कार्य करता रहेगा।कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि,
सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग,व्यापारी वर्ग,पार्षद,कार्यकर्ता,वरिष्ठ नागरिक,माताएं-बहनें और उमेश अग्रवाल फाउंडेशन के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।