प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जनपद रुद्रप्रयाग की 27 न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज 9 जनवरी,2026 को राजकीय इंटर कॉलेज,फाटा में बहुउद्देशीय शिविर/प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।फाटा में आयोजित शिविर की अध्यक्षता विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल द्वारा की गई। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर उन्होंने सर्वप्रथम विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से लाभान्वित किया गया। विभागीय सहभागिता एवं लाभ वितरण शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण,कृषि,पशुपालन,डेयरी,मत्स्य,उद्योग,समाज कल्याण,पंचायती राज/ग्रामीण विकास,स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य शिविर, राजस्व विभाग,महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास,समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पंजीकरण,राशन कार्ड केवाईसी,एलपीजी केवाईसी सहित विभिन्न विभागों द्वारा सहभागिता की गई। शिविर के दौरान 30 से अधिक आधार कार्ड बनाए गए,18 से अधिक किसानों के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित प्रकरणों का समाधान किया गया तथा किसानों द्वारा कृषि उपकरणों की खरीद के साथ ही अन्य योजनाओं से भी ग्रामीण लाभान्वित हुए। इसके पश्चात विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं एवं आवेदन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी गई। यूसीसी पंजीकरण की जानकारी मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित रावत द्वारा ग्रामीणों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) तथा यूसीसी पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 26 मार्च 2010 के बाद संपन्न विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य है तथा सभी पात्र नागरिकों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की गई।जनसुनवाई में उठीं स्थानीय समस्याएं जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा कुल 65 समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी गईं,जिनमें से अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। ग्रामीणों द्वारा गुलदार,भालू एवं अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता से उत्पन्न समस्याओं की ओर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट कराया गया। इस पर उप वन संरक्षक रुद्रप्रयाग रजत सुमन ने बताया कि वन विभाग द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम हेतु संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त,आधुनिक उपकरणों से वन्यजीवों की मूवमेंट पर निगरानी तथा स्कूली छात्र-छात्राओं हेतु निःशुल्क वाहन सुविधा जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री द्वारा उच्चस्तरीय समीक्षा की जा रही है तथा यह विषय लोकसभा में भी उठाया जा चुका है,जिससे सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। इसके अतिरिक्त जुरानी से मैंखंडा मार्ग की मरम्मत,भगवान की विभिन्न डोलियों के पैदल मार्गों का सुधार,नागताल झील का सौंदर्यकरण,फाटा बाजार में जल निकासी व्यवस्था,विद्युत,पेयजल,सड़क,आवास,गौशालाओं एवं सौर ऊर्जा से संबंधित समस्याएं भी रखी गईं।विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल का संबोधन विधायक आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्देशों के अनुरूप ही जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में 27 न्याय पंचायतों में ऐसे उद्देश्यपरक शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को उनके क्षेत्र में जाकर सुनना तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।उन्होंने ग्रामीणों से आगामी शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने,अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने तथा विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। विधायक ने विश्वास दिलाया कि जनहित से जुड़ी प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु सरकार एवं प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिविर में जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन जमलोकी,मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उप वनसंरक्षक रजत सुमन,उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला,जिला विकास अधिकारी अनिता पंवार,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामप्रकाश,खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का,मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत,जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट,जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जनपद रुद्रप्रयाग की 27 न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज 9 जनवरी,2026 को राजकीय इंटर कॉलेज,फाटा में बहुउद्देशीय शिविर/प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।फाटा में आयोजित शिविर की अध्यक्षता विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल द्वारा की गई। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर उन्होंने सर्वप्रथम विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से लाभान्वित किया गया। विभागीय सहभागिता एवं लाभ वितरण शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण,कृषि,पशुपालन,डेयरी,मत्स्य,उद्योग,समाज कल्याण,पंचायती राज/ग्रामीण विकास,स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य शिविर, राजस्व विभाग,महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास,समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पंजीकरण,राशन कार्ड केवाईसी,एलपीजी केवाईसी सहित विभिन्न विभागों द्वारा सहभागिता की गई। शिविर के दौरान 30 से अधिक आधार कार्ड बनाए गए,18 से अधिक किसानों के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित प्रकरणों का समाधान किया गया तथा किसानों द्वारा कृषि उपकरणों की खरीद के साथ ही अन्य योजनाओं से भी ग्रामीण लाभान्वित हुए। इसके पश्चात विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं एवं आवेदन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी गई। यूसीसी पंजीकरण की जानकारी मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित रावत द्वारा ग्रामीणों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) तथा यूसीसी पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 26 मार्च 2010 के बाद संपन्न विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य है तथा सभी पात्र नागरिकों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की गई।जनसुनवाई में उठीं स्थानीय समस्याएं जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा कुल 65 समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी गईं,जिनमें से अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। ग्रामीणों द्वारा गुलदार,भालू एवं अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता से उत्पन्न समस्याओं की ओर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट कराया गया। इस पर उप वन संरक्षक रुद्रप्रयाग रजत सुमन ने बताया कि वन विभाग द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम हेतु संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त,आधुनिक उपकरणों से वन्यजीवों की मूवमेंट पर निगरानी तथा स्कूली छात्र-छात्राओं हेतु निःशुल्क वाहन सुविधा जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री द्वारा उच्चस्तरीय समीक्षा की जा रही है तथा यह विषय लोकसभा में भी उठाया जा चुका है,जिससे सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। इसके अतिरिक्त जुरानी से मैंखंडा मार्ग की मरम्मत,भगवान की विभिन्न डोलियों के पैदल मार्गों का सुधार,नागताल झील का सौंदर्यकरण,फाटा बाजार में जल निकासी व्यवस्था,विद्युत,पेयजल,सड़क,आवास,गौशालाओं एवं सौर ऊर्जा से संबंधित समस्याएं भी रखी गईं।विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल का संबोधन विधायक आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्देशों के अनुरूप ही जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में 27 न्याय पंचायतों में ऐसे उद्देश्यपरक शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को उनके क्षेत्र में जाकर सुनना तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।उन्होंने ग्रामीणों से आगामी शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने,अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने तथा विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। विधायक ने विश्वास दिलाया कि जनहित से जुड़ी प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु सरकार एवं प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिविर में जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन जमलोकी,मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उप वनसंरक्षक रजत सुमन,उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला,जिला विकास अधिकारी अनिता पंवार,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामप्रकाश,खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का,मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत,जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट,जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।