प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में जिला वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई,जिसमें संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में संभावित वनाग्नि की घटनाओं पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को मंदिर समितियों को फायर सेफ्टी से संबंधित प्रशिक्षण देने तथा फायर जैकेट और अग्निशमन उपकरणों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया कि चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर के यातायात मार्गों पर फायर ब्रिगेड वाहनों और एंबुलेंस के माध्यम से मॉक अभ्यास किया जाए,जिससे आपातकाल के दौरान मंदिरों तक पहुंचने में किसी प्रकार की बाधा न हो।उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देने और वनाग्नि नियंत्रण से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि हरिद्वार जनपद में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वन विभाग और प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। हरिद्वार वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने जानकारी दी कि वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार फायर ड्रिल की जा रही है। इसके तहत सड़कों के किनारे गिरे सूखे पत्तों को नियंत्रित कर हटाया जा रहा है,जिससे आग लगने की संभावना कम हो सके। यह कार्रवाई केवल मुख्य मार्गों तक सीमित नहीं है,बल्कि वन क्षेत्रों में भी विभागीय टीमें सक्रिय हैं। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा जागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है,ताकि वे वनाग्नि की घटनाओं की समय रहते सूचना विभाग को दे सकें। विभागीय टीमें जंगलों में आग पर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों और संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार हैं। वन विभाग का लक्ष्य इस वर्ष वनाग्नि की घटनाओं को शून्य तक सीमित करना है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा,मुख्य चिकित्साधिकारी आरके सिंह,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित अग्निशमन और राजाजी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में जिला वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई,जिसमें संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में संभावित वनाग्नि की घटनाओं पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को मंदिर समितियों को फायर सेफ्टी से संबंधित प्रशिक्षण देने तथा फायर जैकेट और अग्निशमन उपकरणों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया कि चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर के यातायात मार्गों पर फायर ब्रिगेड वाहनों और एंबुलेंस के माध्यम से मॉक अभ्यास किया जाए,जिससे आपातकाल के दौरान मंदिरों तक पहुंचने में किसी प्रकार की बाधा न हो।उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देने और वनाग्नि नियंत्रण से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि हरिद्वार जनपद में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वन विभाग और प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। हरिद्वार वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने जानकारी दी कि वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार फायर ड्रिल की जा रही है। इसके तहत सड़कों के किनारे गिरे सूखे पत्तों को नियंत्रित कर हटाया जा रहा है,जिससे आग लगने की संभावना कम हो सके। यह कार्रवाई केवल मुख्य मार्गों तक सीमित नहीं है,बल्कि वन क्षेत्रों में भी विभागीय टीमें सक्रिय हैं। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा जागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है,ताकि वे वनाग्नि की घटनाओं की समय रहते सूचना विभाग को दे सकें। विभागीय टीमें जंगलों में आग पर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों और संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार हैं। वन विभाग का लक्ष्य इस वर्ष वनाग्नि की घटनाओं को शून्य तक सीमित करना है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा,मुख्य चिकित्साधिकारी आरके सिंह,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित अग्निशमन और राजाजी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।