श्रीराम कथा में बताया गया ताड़का वध और अहिल्या उद्धार का प्रसंग
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।श्रीनगर के पास लक्ष्मीमोली में विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित श्रीराम कथा का आयोजन भव्य रूप से चल रहा है। कथा व्यास पूज्य वासुदेव कृष्ण महाराज जी द्वारा रामकथा के विविध प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।आज की कथा में उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गुरु वशिष्ठ ने भगवान राम को वेद और शास्त्रों की शिक्षा दी,जबकि गुरु विश्वामित्र ने उन्हें शस्त्रविद्या और युद्ध कौशल सिखाया।व्यास जी ने ताड़का वध और अहिल्या उद्धार का वर्णन करते हुए बताया कि ताड़का एक अत्यंत बलशाली राक्षसी थी जो गुरु विश्वामित्र के आश्रम में यज्ञों में विघ्न डालती थी। भगवान राम ने सबसे पहले उसी का वध किया था। इसके बाद उन्होंने अहिल्या को शापमुक्त कर उद्धार किया। गौ संवर्धन समिति के मीडिया प्रभारी राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने बताया कि कथा आयोजन में सहयोग कर रहे सभी सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद किया गया।
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श्रीराम कथा में बताया गया ताड़का वध और अहिल्या उद्धार का प्रसंग
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।श्रीनगर के पास लक्ष्मीमोली में विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित श्रीराम कथा का आयोजन भव्य रूप से चल रहा है। कथा व्यास पूज्य वासुदेव कृष्ण महाराज जी द्वारा रामकथा के विविध प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।आज की कथा में उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गुरु वशिष्ठ ने भगवान राम को वेद और शास्त्रों की शिक्षा दी,जबकि गुरु विश्वामित्र ने उन्हें शस्त्रविद्या और युद्ध कौशल सिखाया।व्यास जी ने ताड़का वध और अहिल्या उद्धार का वर्णन करते हुए बताया कि ताड़का एक अत्यंत बलशाली राक्षसी थी जो गुरु विश्वामित्र के आश्रम में यज्ञों में विघ्न डालती थी। भगवान राम ने सबसे पहले उसी का वध किया था। इसके बाद उन्होंने अहिल्या को शापमुक्त कर उद्धार किया। गौ संवर्धन समिति के मीडिया प्रभारी राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने बताया कि कथा आयोजन में सहयोग कर रहे सभी सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद किया गया।