प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने,अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा पुलिस और जनता के बीच समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देशन में जनपद के सभी थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में नियुक्त ग्राम चौकीदारों और प्रहरियों के साथ दो दिवसीय व्यापक समीक्षा एवं फीडबैक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और जनता के बीच से ऐसे प्रतिनिधियों को तैयार करना है,जो पुलिस के साथ समन्वय बनाकर सूचना तंत्र को प्रभावी बना सकें। ग्रामों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियुक्त ग्राम चौकीदार और प्रहरी पुलिस क्षेत्रों में पुलिस अधीक्षक द्वारा तथा राजस्व क्षेत्रों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। दो दिवसीय बैठकों के दौरान ग्राम प्रहरियों से प्राप्त फीडबैक को आगामी रणनीति में शामिल कर ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। बैठकों के माध्यम से ग्राम स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया और ग्राम चौकीदारों की भूमिका को अधिक सक्रिय,उत्तरदायी और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। थाना प्रभारियों ने ग्राम चौकीदारों से उनके ग्राम क्षेत्रों में अपराध,विवाद,संदिग्ध गतिविधियों और सामाजिक समस्याओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं फीडबैक प्राप्त किया। बैठकों के दौरान प्रत्येक ग्राम की स्थानीय समस्याओं,विवादों और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की गई। जिन ग्रामों में ग्राम चौकीदार नियुक्त नहीं हैं,उनकी सूची तैयार कर संभावित तैनाती पर विचार किया गया। इसके साथ ही सभी ग्राम चौकीदारों और प्रहरियों का पृष्ठभूमि सत्यापन किया गया तथा संबंधित क्षेत्रों की अपराध स्थिति,संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों से जुड़ी सूचनाएं एकत्रित की गईं। थाना प्रभारियों द्वारा ग्राम चौकीदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि,संदिग्ध व्यक्ति,नशा,घरेलू विवाद,अपराध या अन्य सामाजिक समस्या की सूचना समय पर पुलिस को दें, ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा पुलिस–जनता के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ेगा।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने,अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा पुलिस और जनता के बीच समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देशन में जनपद के सभी थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में नियुक्त ग्राम चौकीदारों और प्रहरियों के साथ दो दिवसीय व्यापक समीक्षा एवं फीडबैक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और जनता के बीच से ऐसे प्रतिनिधियों को तैयार करना है,जो पुलिस के साथ समन्वय बनाकर सूचना तंत्र को प्रभावी बना सकें। ग्रामों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियुक्त ग्राम चौकीदार और प्रहरी पुलिस क्षेत्रों में पुलिस अधीक्षक द्वारा तथा राजस्व क्षेत्रों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। दो दिवसीय बैठकों के दौरान ग्राम प्रहरियों से प्राप्त फीडबैक को आगामी रणनीति में शामिल कर ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। बैठकों के माध्यम से ग्राम स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया और ग्राम चौकीदारों की भूमिका को अधिक सक्रिय,उत्तरदायी और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। थाना प्रभारियों ने ग्राम चौकीदारों से उनके ग्राम क्षेत्रों में अपराध,विवाद,संदिग्ध गतिविधियों और सामाजिक समस्याओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं फीडबैक प्राप्त किया। बैठकों के दौरान प्रत्येक ग्राम की स्थानीय समस्याओं,विवादों और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की गई। जिन ग्रामों में ग्राम चौकीदार नियुक्त नहीं हैं,उनकी सूची तैयार कर संभावित तैनाती पर विचार किया गया। इसके साथ ही सभी ग्राम चौकीदारों और प्रहरियों का पृष्ठभूमि सत्यापन किया गया तथा संबंधित क्षेत्रों की अपराध स्थिति,संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों से जुड़ी सूचनाएं एकत्रित की गईं। थाना प्रभारियों द्वारा ग्राम चौकीदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि,संदिग्ध व्यक्ति,नशा,घरेलू विवाद,अपराध या अन्य सामाजिक समस्या की सूचना समय पर पुलिस को दें, ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा पुलिस–जनता के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ेगा।