प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग के 12 शिशु एवं विद्या मंदिरों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लैनेट स्कूल संस्था द्वारा व्यापक डिजिटल सहायता प्रदान की गई है। इस पहल को डिजिटल रुद्राभिषेक नाम दिया गया है जिसके अंतर्गत विद्यालयों को स्मार्ट शिक्षण संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। प्रत्येक विद्यालय को 5 कंप्यूटर 2 डिजिटल पैनल स्मार्ट कक्षा 1 स्पीकर 1 प्रिंटर तथा 2 वेबकैम उपलब्ध कराए गए हैं।साथ ही बस्ता रहित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 2 थीम आधारित कक्षाएं भी विकसित की गई हैं जिससे विद्यार्थियों का सीखना अधिक गतिविधि आधारित अनुभवात्मक और आनंददायक बन सके। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्देश्य दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण तथा तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस पहल से विद्यार्थियों को ऑनलाइन संसाधनों डिजिटल सामग्री और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। थीम आधारित कक्षाएं बच्चों में रचनात्मकता सहभागिता और व्यवहारिक ज्ञान को प्रोत्साहित करेंगी। संस्था के निदेशक अभिषेक वर्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल उपकरण उपलब्ध कराना नहीं बल्कि शिक्षा को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है।उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को भी महानगरों जैसी डिजिटल सुविधाएं मिलनी चाहिए यही उनका संकल्प है।डिजिटल सहायता प्राप्त करने वाले विद्यालयों में सरस्वती शिशु मंदिर सतेराखाल तिलवाड़ा गुप्तकाशी उखीमठ मनसूना जखोली पुनाड़ अगस्त्यमुनि फाटा तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गुप्तकाशी तिलवाड़ा और बेलनी शामिल हैं।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया।विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने प्लैनेट स्कूल संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग के 12 शिशु एवं विद्या मंदिरों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लैनेट स्कूल संस्था द्वारा व्यापक डिजिटल सहायता प्रदान की गई है। इस पहल को डिजिटल रुद्राभिषेक नाम दिया गया है जिसके अंतर्गत विद्यालयों को स्मार्ट शिक्षण संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। प्रत्येक विद्यालय को 5 कंप्यूटर 2 डिजिटल पैनल स्मार्ट कक्षा 1 स्पीकर 1 प्रिंटर तथा 2 वेबकैम उपलब्ध कराए गए हैं।साथ ही बस्ता रहित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 2 थीम आधारित कक्षाएं भी विकसित की गई हैं जिससे विद्यार्थियों का सीखना अधिक गतिविधि आधारित अनुभवात्मक और आनंददायक बन सके। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्देश्य दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण तथा तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस पहल से विद्यार्थियों को ऑनलाइन संसाधनों डिजिटल सामग्री और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। थीम आधारित कक्षाएं बच्चों में रचनात्मकता सहभागिता और व्यवहारिक ज्ञान को प्रोत्साहित करेंगी। संस्था के निदेशक अभिषेक वर्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल उपकरण उपलब्ध कराना नहीं बल्कि शिक्षा को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है।उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को भी महानगरों जैसी डिजिटल सुविधाएं मिलनी चाहिए यही उनका संकल्प है।डिजिटल सहायता प्राप्त करने वाले विद्यालयों में सरस्वती शिशु मंदिर सतेराखाल तिलवाड़ा गुप्तकाशी उखीमठ मनसूना जखोली पुनाड़ अगस्त्यमुनि फाटा तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गुप्तकाशी तिलवाड़ा और बेलनी शामिल हैं।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया।विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने प्लैनेट स्कूल संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।