प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित स्वच्छ पर्यावरण अनुकूल और सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने तैयारियों को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड होते हुए घोड़ापड़ाव तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं और कार्य प्रगति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 की स्थिति का अवलोकन किया तथा भू-स्खलन और भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों बांसवाड़ा काकड़ागाड़ गुप्तकाशी तिराहा बड़ासू खुमेरा मैंखंडा रामपुर और मुनकटिया का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने सिंकिंग जोन और भूस्खलन संभावित स्थलों पर आवश्यक उपचारात्मक और सुरक्षात्मक कार्य समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले किसी भी स्थिति में सड़क पर अवरोध नहीं रहना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए अवैध कब्जे हटाने और बाजार क्षेत्रों में चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चट्टानों में फंसे पत्थरों को हटाने आवश्यक पैचवर्क, झाड़ी कटान संकेतक पट्ट क्रैश बैरियर और सौंदर्यीकरण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा करने को कहा गया।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन कार्यों के लिए शासन स्तर से धनराशि की आवश्यकता है उसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यात्रा मार्ग पर आवश्यकतानुसार शौचालय निर्माण पर्याप्त मोबाइल शौचालयों की उपलब्धता नियमित सफाई और जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।प्रमुख स्थलों पर सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए। सीतापुर पार्किंग का निरीक्षण कर पार्किंग प्रबंधन शटल सेवा संचालन स्थलों पर मैकेनिक कैंटीन शौचालय और पुलिस जांच चौकी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग तथा विश्राम स्थलों पर बैठने की व्यवस्था करने को भी कहा गया। गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड का निरीक्षण करते हुए यात्रियों के लिए चेंजिंग रूम शौचालय और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। घोड़ापड़ाव तक निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन केदारनाथ धाम यात्रा को हरित स्वच्छ और सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को यात्रा से जुड़े कार्य 15 मार्च तक तथा बड़े कार्य 30 मार्च तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर उपजिलाधिकारी उखीमठ अनिल रावत अधिशासी अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे तहसीलदार उखीमठ रमेश सिंह सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ आर.पी.नैथानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित स्वच्छ पर्यावरण अनुकूल और सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने तैयारियों को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड होते हुए घोड़ापड़ाव तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं और कार्य प्रगति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 की स्थिति का अवलोकन किया तथा भू-स्खलन और भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों बांसवाड़ा काकड़ागाड़ गुप्तकाशी तिराहा बड़ासू खुमेरा मैंखंडा रामपुर और मुनकटिया का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने सिंकिंग जोन और भूस्खलन संभावित स्थलों पर आवश्यक उपचारात्मक और सुरक्षात्मक कार्य समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले किसी भी स्थिति में सड़क पर अवरोध नहीं रहना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए अवैध कब्जे हटाने और बाजार क्षेत्रों में चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चट्टानों में फंसे पत्थरों को हटाने आवश्यक पैचवर्क, झाड़ी कटान संकेतक पट्ट क्रैश बैरियर और सौंदर्यीकरण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा करने को कहा गया।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन कार्यों के लिए शासन स्तर से धनराशि की आवश्यकता है उसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यात्रा मार्ग पर आवश्यकतानुसार शौचालय निर्माण पर्याप्त मोबाइल शौचालयों की उपलब्धता नियमित सफाई और जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।प्रमुख स्थलों पर सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए। सीतापुर पार्किंग का निरीक्षण कर पार्किंग प्रबंधन शटल सेवा संचालन स्थलों पर मैकेनिक कैंटीन शौचालय और पुलिस जांच चौकी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग तथा विश्राम स्थलों पर बैठने की व्यवस्था करने को भी कहा गया। गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड का निरीक्षण करते हुए यात्रियों के लिए चेंजिंग रूम शौचालय और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। घोड़ापड़ाव तक निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन केदारनाथ धाम यात्रा को हरित स्वच्छ और सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को यात्रा से जुड़े कार्य 15 मार्च तक तथा बड़े कार्य 30 मार्च तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर उपजिलाधिकारी उखीमठ अनिल रावत अधिशासी अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे तहसीलदार उखीमठ रमेश सिंह सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ आर.पी.नैथानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।