प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 मार्च 2026 को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में एक व्यापक मॉक अभ्यास (Mock Drill) का आयोजन किया गया। यह अभ्यास प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक विभिन्न स्थानों पर निर्धारित परिदृश्यों के अनुसार संपन्न हुआ। मॉक अभ्यास के दौरान भूकम्प भूस्खलन सड़क दुर्घटना तथा वनाग्नि जैसी संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग इंसीडेंट एरिया चिन्हित किए गए जहां संबंधित विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।इस दौरान पुलिस विभाग स्वास्थ्य विभाग अग्निशमन सेवा डी.डी.आर.एफ सहित अन्य आपदा प्रबंधन टीमों सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं ने समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रभावितों के सुरक्षित रेस्क्यू प्राथमिक उपचार राहत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अभ्यास किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मॉक अभ्यास के अंतर्गत सिरोहबगड़ रुद्रप्रयाग तथा मुनकटिया सोनप्रयाग क्षेत्रों में भूस्खलन की काल्पनिक घटना पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। वहीं घोलतीर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की स्थिति का परिदृश्य तैयार कर घायलों के रेस्क्यू प्राथमिक उपचार तथा अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इसके अतिरिक्त अगस्त्यमुनि क्षेत्र में भूकम्प की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रतिक्रिया घायलों के सुरक्षित निकासी एवं राहत प्रबंधन की कार्यवाही का अभ्यास किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग पर सन्बैण्ड के समीप वनाग्नि की घटना का परिदृश्य बनाकर आग बुझाने क्षेत्र को सुरक्षित करने तथा संसाधनों के समन्वित उपयोग का प्रदर्शन किया गया। मॉक अभ्यास के लिए गुलाबराय मैदान को स्टेजिंग एरिया के रूप में निर्धारित किया गया जहां से विभिन्न टीमों का समन्वय संसाधनों का प्रबंधन तथा आवश्यक निर्देश जारी किए गए। अभ्यास के दौरान अधिकारियों द्वारा पूरी कार्यवाही का अवलोकन करते हुए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परीक्षण किया गया। साथ ही भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए। इस दौरान जिला विकास अधिकारी/नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने कहा कि इस प्रकार के मॉक अभ्यासों का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। ऐसे अभ्यासों से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है तथा जन-धन की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तैयारियां और अधिक मजबूत होती हैं।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 मार्च 2026 को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में एक व्यापक मॉक अभ्यास (Mock Drill) का आयोजन किया गया। यह अभ्यास प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक विभिन्न स्थानों पर निर्धारित परिदृश्यों के अनुसार संपन्न हुआ। मॉक अभ्यास के दौरान भूकम्प भूस्खलन सड़क दुर्घटना तथा वनाग्नि जैसी संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग इंसीडेंट एरिया चिन्हित किए गए जहां संबंधित विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।इस दौरान पुलिस विभाग स्वास्थ्य विभाग अग्निशमन सेवा डी.डी.आर.एफ सहित अन्य आपदा प्रबंधन टीमों सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं ने समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रभावितों के सुरक्षित रेस्क्यू प्राथमिक उपचार राहत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अभ्यास किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मॉक अभ्यास के अंतर्गत सिरोहबगड़ रुद्रप्रयाग तथा मुनकटिया सोनप्रयाग क्षेत्रों में भूस्खलन की काल्पनिक घटना पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। वहीं घोलतीर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की स्थिति का परिदृश्य तैयार कर घायलों के रेस्क्यू प्राथमिक उपचार तथा अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इसके अतिरिक्त अगस्त्यमुनि क्षेत्र में भूकम्प की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रतिक्रिया घायलों के सुरक्षित निकासी एवं राहत प्रबंधन की कार्यवाही का अभ्यास किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग पर सन्बैण्ड के समीप वनाग्नि की घटना का परिदृश्य बनाकर आग बुझाने क्षेत्र को सुरक्षित करने तथा संसाधनों के समन्वित उपयोग का प्रदर्शन किया गया। मॉक अभ्यास के लिए गुलाबराय मैदान को स्टेजिंग एरिया के रूप में निर्धारित किया गया जहां से विभिन्न टीमों का समन्वय संसाधनों का प्रबंधन तथा आवश्यक निर्देश जारी किए गए। अभ्यास के दौरान अधिकारियों द्वारा पूरी कार्यवाही का अवलोकन करते हुए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परीक्षण किया गया। साथ ही भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए। इस दौरान जिला विकास अधिकारी/नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने कहा कि इस प्रकार के मॉक अभ्यासों का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। ऐसे अभ्यासों से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है तथा जन-धन की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तैयारियां और अधिक मजबूत होती हैं।