प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को गंगा संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्वच्छता को बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर पालिका पंचायतों और जिला पंचायत के अधिकारियों को नदियों के संरक्षण के लिए तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि तहसील स्तरीय समिति की बैठक प्रतिमाह कराये जिसमें सीवरेज प्रबन्ध व सेप्टेज प्रबंधन की समीक्षा अवश्य करें। उत्तराखण्ड जल संस्थान व उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सुनिश्चित करें सभी सीवेज शोधन संत्रयों का संचालन पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार एवं माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली के जल गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।जिलाधिकारी द्वारा परियोजना प्रबन्धन निर्माण एवं अनुरक्षण ईकाई गंगा उत्तराखण्ड पेयजल निगम श्रीनगर को निर्देशित किया गया हेमकुण्ड साहिब व हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर सीवरेज प्रबन्धन किये जाने हेतु सीवेज शोधन संयत्र निर्माण का संभाव्यता अध्ययन कर लें। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों एव अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को नगर निकायों व ग्रामीण क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने बताया कि जिला गंगा संरक्षण समिति के गठन के उपरांत 76 बैठके आयोजित की जा चुकी है उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के अप्रैल माह से अब तक 11 बैठकों का आयोजन किया जा चुका है साथ ही बैठकों के कार्य व्रत को जीडीपीएमएस पोर्टल पर नियमित रूप पर नियमित रूप से अपलोड किया जाता है। इस मौके पर परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी एसडीएम आर के पाण्डेय उप प्रभागीय वनाधिकारी जुगल किशोर कृषि अधिकारी जेपी तिवारी एएमए तेज सिंह सहित सभी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहें।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को गंगा संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्वच्छता को बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर पालिका पंचायतों और जिला पंचायत के अधिकारियों को नदियों के संरक्षण के लिए तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि तहसील स्तरीय समिति की बैठक प्रतिमाह कराये जिसमें सीवरेज प्रबन्ध व सेप्टेज प्रबंधन की समीक्षा अवश्य करें। उत्तराखण्ड जल संस्थान व उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सुनिश्चित करें सभी सीवेज शोधन संत्रयों का संचालन पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार एवं माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली के जल गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।जिलाधिकारी द्वारा परियोजना प्रबन्धन निर्माण एवं अनुरक्षण ईकाई गंगा उत्तराखण्ड पेयजल निगम श्रीनगर को निर्देशित किया गया हेमकुण्ड साहिब व हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर सीवरेज प्रबन्धन किये जाने हेतु सीवेज शोधन संयत्र निर्माण का संभाव्यता अध्ययन कर लें। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों एव अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को नगर निकायों व ग्रामीण क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने बताया कि जिला गंगा संरक्षण समिति के गठन के उपरांत 76 बैठके आयोजित की जा चुकी है उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के अप्रैल माह से अब तक 11 बैठकों का आयोजन किया जा चुका है साथ ही बैठकों के कार्य व्रत को जीडीपीएमएस पोर्टल पर नियमित रूप पर नियमित रूप से अपलोड किया जाता है। इस मौके पर परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी एसडीएम आर के पाण्डेय उप प्रभागीय वनाधिकारी जुगल किशोर कृषि अधिकारी जेपी तिवारी एएमए तेज सिंह सहित सभी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहें।