प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। अपर निदेशक पशुपालन विभाग गढ़वाल मंडल डॉ.भूपेंद्र सिंह जंगपांगी ने कोठियालसैण गोपेश्वर स्थित प्रगतिशील पशुपालक मनोज कुमार बिष्ट की गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में पशुओं की देखभाल स्वच्छता व्यवस्था दुग्ध उत्पादन की प्रक्रिया तथा आधुनिक पशुपालन तकनीकों के उपयोग का अवलोकन किया। उन्होंने पशुपालक द्वारा अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणादायक बताया। निरीक्षण के दौरान मनोज कुमार बिष्ट ने अपने डेयरी व्यवसाय के संचालन पशुओं के आहार प्रबंधन दुग्ध उत्पादन क्षमता तथा विपणन से संबंधित अनुभव साझा किए। इस पर अपर निदेशक ने उन्हें पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं अनुदान टीकाकरण कार्यक्रम तथा तकनीकी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाकर पशुपालक अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। अपर निदेशक ने आश्वस्त किया कि पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी समयबद्ध रूप से पहुंचाई जाए तथा उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.आशीष द्विवेदी एवं पशुचिकित्सा फार्मेसी अधिकारी पीयूष चौहान भी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। अपर निदेशक पशुपालन विभाग गढ़वाल मंडल डॉ.भूपेंद्र सिंह जंगपांगी ने कोठियालसैण गोपेश्वर स्थित प्रगतिशील पशुपालक मनोज कुमार बिष्ट की गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में पशुओं की देखभाल स्वच्छता व्यवस्था दुग्ध उत्पादन की प्रक्रिया तथा आधुनिक पशुपालन तकनीकों के उपयोग का अवलोकन किया। उन्होंने पशुपालक द्वारा अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणादायक बताया। निरीक्षण के दौरान मनोज कुमार बिष्ट ने अपने डेयरी व्यवसाय के संचालन पशुओं के आहार प्रबंधन दुग्ध उत्पादन क्षमता तथा विपणन से संबंधित अनुभव साझा किए। इस पर अपर निदेशक ने उन्हें पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं अनुदान टीकाकरण कार्यक्रम तथा तकनीकी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाकर पशुपालक अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। अपर निदेशक ने आश्वस्त किया कि पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी समयबद्ध रूप से पहुंचाई जाए तथा उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.आशीष द्विवेदी एवं पशुचिकित्सा फार्मेसी अधिकारी पीयूष चौहान भी उपस्थित रहे।