प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित साहित्योत्सव-2026 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की प्रोफेसर एवं कहानीकार प्रो.मंजुला राणा को हिंदी की सर्वश्रेष्ठ कहानी के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उनकी चर्चित कहानी डॉलर के लिए प्रदान किया गया जिसने समकालीन सामाजिक यथार्थ और पारिवारिक संवेदनाओं को अत्यंत मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त किया है। नई दिल्ली के रवींद्र भवन परिसर में 30 मार्च से 4 अप्रैल 2026 तक आयोजित साहित्योत्सव 2026 में हिंदी कहानी वाचन कार्यक्रम के दौरान देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकारों ने अपनी-अपनी कहानियां प्रस्तुत कीं। यह कहानी वाचन सत्र पद्म भूषण और ज्ञानपीठ से सम्मानित प्रसिद्ध लेखिका डॉ.प्रतिभा रॉय के समक्ष सम्पन्न हुआ। इसी अवसर पर समकालीन कहानीकार प्रो.मंजुला राणा ने अपनी कहानी डॉलर का वाचन किया जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। प्रो.मंजुला राणा ने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का क्षण है कि उनकी कहानी को साहित्य के विद्वानों ने सराहा और इसे उत्कृष्ट सम्मान प्रदान किया। उन्होंने बताया कि साहित्योत्सव-2026 में 100 से अधिक सत्रों में 650 से अधिक प्रतिष्ठित लेखक कवि और विद्वान भाग ले रहे हैं साथ ही देश की 50 से अधिक भाषाओं का प्रतिनिधित्व भी हुआ है। गौरतलब है कि प्रो.मंजुला राणा हिंदी की एक प्रतिष्ठित कहानीकार हैं और लंबे समय से साहित्य अकादमी से जुड़ी हैं। वे उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत साहित्यिक योगदान का प्रमाण है बल्कि हिंदी कथा साहित्य की समृद्ध परंपरा को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाला है।
Spread the love
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित साहित्योत्सव-2026 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की प्रोफेसर एवं कहानीकार प्रो.मंजुला राणा को हिंदी की सर्वश्रेष्ठ कहानी के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उनकी चर्चित कहानी डॉलर के लिए प्रदान किया गया जिसने समकालीन सामाजिक यथार्थ और पारिवारिक संवेदनाओं को अत्यंत मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त किया है। नई दिल्ली के रवींद्र भवन परिसर में 30 मार्च से 4 अप्रैल 2026 तक आयोजित साहित्योत्सव 2026 में हिंदी कहानी वाचन कार्यक्रम के दौरान देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकारों ने अपनी-अपनी कहानियां प्रस्तुत कीं। यह कहानी वाचन सत्र पद्म भूषण और ज्ञानपीठ से सम्मानित प्रसिद्ध लेखिका डॉ.प्रतिभा रॉय के समक्ष सम्पन्न हुआ। इसी अवसर पर समकालीन कहानीकार प्रो.मंजुला राणा ने अपनी कहानी डॉलर का वाचन किया जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। प्रो.मंजुला राणा ने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का क्षण है कि उनकी कहानी को साहित्य के विद्वानों ने सराहा और इसे उत्कृष्ट सम्मान प्रदान किया। उन्होंने बताया कि साहित्योत्सव-2026 में 100 से अधिक सत्रों में 650 से अधिक प्रतिष्ठित लेखक कवि और विद्वान भाग ले रहे हैं साथ ही देश की 50 से अधिक भाषाओं का प्रतिनिधित्व भी हुआ है। गौरतलब है कि प्रो.मंजुला राणा हिंदी की एक प्रतिष्ठित कहानीकार हैं और लंबे समय से साहित्य अकादमी से जुड़ी हैं। वे उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत साहित्यिक योगदान का प्रमाण है बल्कि हिंदी कथा साहित्य की समृद्ध परंपरा को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाला है।