प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। बैशाखी स्नान पर्व और सद्भावना सम्मेलन को देखते हुए हरिद्वार शहर में विशेष यातायात योजना लागू की गई है। बढ़ते दबाव को संभालने के लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन और पार्किंग की विस्तृत व्यवस्था तय की है तथा आमजन से सहयोग की अपील की है। यातायात दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही बॉर्डर पर रोका जाएगा। नगला इमरती से वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैम्प पार्किंग और होर्डिंग एरिया में रोका जाएगा जहां से उन्हें धीरे-धीरे छोड़ा जाएगा। चीला मार्ग को ऋषिकेश से केवल निकासी के लिए उपयोग में लाया जाएगा। गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर सामान्य यातायात को भेजा जाएगा ताकि शहर में वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके। टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने की स्थिति में नहर पटरी का उपयोग निकासी के लिए किया जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली निजी बसों को आवश्यकतानुसार मोहंड मार्ग से भेजा जाएगा। दिल्ली मेरठ मुजफ्फरनगर और पंजाब से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित रूट के साथ अलकनंदा दीनदयाल पंतद्वीप और चमकादड़ टापू में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अत्यधिक दबाव होने पर वैकल्पिक रूट से वाहनों को बैरागी कैम्प पार्किंग की ओर भेजा जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों को नेपाली फार्म और रायवाला होते हुए हरिद्वार लाया जाएगा जबकि नजीबाबाद और मुरादाबाद की ओर से आने वाले छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग और पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। यातायात दबाव बढ़ने पर ऑटो और विक्रम के लिए भी विशेष डायवर्जन लागू रहेगा। जयराम मोड़ से आगे इनका प्रवेश रोका जाएगा और वहीं से सवारियां उतारकर वापस लौटना होगा। शहर के भीतर विभिन्न मार्गों पर भी इनके लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। 12 अप्रैल की रात 12 बजे से लेकर स्नान पर्व और सम्मेलन समाप्ति तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें ताकि स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। बैशाखी स्नान पर्व और सद्भावना सम्मेलन को देखते हुए हरिद्वार शहर में विशेष यातायात योजना लागू की गई है। बढ़ते दबाव को संभालने के लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन और पार्किंग की विस्तृत व्यवस्था तय की है तथा आमजन से सहयोग की अपील की है। यातायात दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही बॉर्डर पर रोका जाएगा। नगला इमरती से वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैम्प पार्किंग और होर्डिंग एरिया में रोका जाएगा जहां से उन्हें धीरे-धीरे छोड़ा जाएगा। चीला मार्ग को ऋषिकेश से केवल निकासी के लिए उपयोग में लाया जाएगा। गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर सामान्य यातायात को भेजा जाएगा ताकि शहर में वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके। टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने की स्थिति में नहर पटरी का उपयोग निकासी के लिए किया जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली निजी बसों को आवश्यकतानुसार मोहंड मार्ग से भेजा जाएगा। दिल्ली मेरठ मुजफ्फरनगर और पंजाब से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित रूट के साथ अलकनंदा दीनदयाल पंतद्वीप और चमकादड़ टापू में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अत्यधिक दबाव होने पर वैकल्पिक रूट से वाहनों को बैरागी कैम्प पार्किंग की ओर भेजा जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों को नेपाली फार्म और रायवाला होते हुए हरिद्वार लाया जाएगा जबकि नजीबाबाद और मुरादाबाद की ओर से आने वाले छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग और पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। यातायात दबाव बढ़ने पर ऑटो और विक्रम के लिए भी विशेष डायवर्जन लागू रहेगा। जयराम मोड़ से आगे इनका प्रवेश रोका जाएगा और वहीं से सवारियां उतारकर वापस लौटना होगा। शहर के भीतर विभिन्न मार्गों पर भी इनके लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। 12 अप्रैल की रात 12 बजे से लेकर स्नान पर्व और सम्मेलन समाप्ति तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें ताकि स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।