प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के अंतर्गत मेलाधिकारी सोनिका ने हरिद्वार में प्रस्तावित प्रशासनिक रोड कॉरिडोर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है इसलिए सभी निर्माण कार्य समय पर और मानकों के अनुरूप पूरे होना आवश्यक है। उन्होंने शंकराचार्य चौक सहित अन्य प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण और सुधार के निर्देश दिए तथा यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले अव्यवस्थित खंभों और अवरोधों को हटाने को कहा। साथ ही क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला मद के अंतर्गत शंकराचार्य चौक से मेला नियंत्रण भवन तक प्रशासनिक रोड कॉरिडोर के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। योजना के तहत लगभग 7 मीटर चौड़ी सड़क दोनों ओर फुटपाथ और करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में 5.5 मीटर चौड़ा पैदल मार्ग विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क सौंदर्यीकरण ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। चंडी चौक मार्ग पर मौजूदा पुल के समानांतर एक अतिरिक्त लेन का पुल भी बनाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने हरित पट्टियों के विकास फूलों और शोभादार पौधों के रोपण तथा दीवारों पर देवभूमि उत्तराखंड और कुंभ की महत्ता दर्शाने वाली वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। शंकराचार्य चौक के पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि चौराहे को व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाए तथा यातायात संचालन में बाधा डालने वाली संरचनाओं को हटाया जाए। अन्य चौराहों के सुधार कार्यों में तेजी लाने और प्रमुख स्थानों पर बहुभाषी साइनेज लगाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त शंकराचार्य चौक से डामकोठी मार्ग तक क्षेत्र को हरिद्वार का प्रमुख आइकॉनिक क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। मेला प्रशासन लोक निर्माण विभाग हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। मेलाधिकारी ने कहा कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के अंतर्गत मेलाधिकारी सोनिका ने हरिद्वार में प्रस्तावित प्रशासनिक रोड कॉरिडोर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है इसलिए सभी निर्माण कार्य समय पर और मानकों के अनुरूप पूरे होना आवश्यक है। उन्होंने शंकराचार्य चौक सहित अन्य प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण और सुधार के निर्देश दिए तथा यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले अव्यवस्थित खंभों और अवरोधों को हटाने को कहा। साथ ही क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला मद के अंतर्गत शंकराचार्य चौक से मेला नियंत्रण भवन तक प्रशासनिक रोड कॉरिडोर के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। योजना के तहत लगभग 7 मीटर चौड़ी सड़क दोनों ओर फुटपाथ और करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में 5.5 मीटर चौड़ा पैदल मार्ग विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क सौंदर्यीकरण ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। चंडी चौक मार्ग पर मौजूदा पुल के समानांतर एक अतिरिक्त लेन का पुल भी बनाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने हरित पट्टियों के विकास फूलों और शोभादार पौधों के रोपण तथा दीवारों पर देवभूमि उत्तराखंड और कुंभ की महत्ता दर्शाने वाली वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। शंकराचार्य चौक के पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि चौराहे को व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाए तथा यातायात संचालन में बाधा डालने वाली संरचनाओं को हटाया जाए। अन्य चौराहों के सुधार कार्यों में तेजी लाने और प्रमुख स्थानों पर बहुभाषी साइनेज लगाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त शंकराचार्य चौक से डामकोठी मार्ग तक क्षेत्र को हरिद्वार का प्रमुख आइकॉनिक क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। मेला प्रशासन लोक निर्माण विभाग हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। मेलाधिकारी ने कहा कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।