प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पोषण पखवाड़े के अंतर्गत जनजाति क्षेत्र स्थित आंगनबाड़ी केंद्र जसोदरपुर में मां एवं बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी दुगड्डा नेहा बेलवाल द्वारा जनजाति क्षेत्र में प्रस्तावित क्रैच (शिशु देखभाल केंद्र) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कार्यरत महिलाओं के बच्चों के लिए सुरक्षित एवं पोषक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु विभाग द्वारा जनजाति क्षेत्र में क्रैच खोले जाने का प्रस्ताव है जिससे कामकाजी माताओं को विशेष सुविधा मिलेगी। इस संबंध में उपस्थित महिलाओं एवं लाभार्थियों से संवाद कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए गए। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को संतुलित पोषण नियमित स्वास्थ्य जांच एवं सुरक्षित मातृत्व के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभों से अवगत कराते हुए संस्थागत प्रसव को अपनाने हेतु विशेष रूप से प्रेरित किया गया। माताओं को बच्चों के समग्र विकास के लिए मोबाइल फोन से दूर रखने तथा उनके साथ रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में केंद्र पर माताओं एवं बच्चों द्वारा मिट्टी फूल एवं पत्तों के माध्यम से विभिन्न सृजनात्मक गतिविधियां कराई गईं जिससे बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों महिलाओं एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता रही। यह आयोजन पोषण पखवाड़े के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पोषण पखवाड़े के अंतर्गत जनजाति क्षेत्र स्थित आंगनबाड़ी केंद्र जसोदरपुर में मां एवं बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी दुगड्डा नेहा बेलवाल द्वारा जनजाति क्षेत्र में प्रस्तावित क्रैच (शिशु देखभाल केंद्र) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कार्यरत महिलाओं के बच्चों के लिए सुरक्षित एवं पोषक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु विभाग द्वारा जनजाति क्षेत्र में क्रैच खोले जाने का प्रस्ताव है जिससे कामकाजी माताओं को विशेष सुविधा मिलेगी। इस संबंध में उपस्थित महिलाओं एवं लाभार्थियों से संवाद कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए गए। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को संतुलित पोषण नियमित स्वास्थ्य जांच एवं सुरक्षित मातृत्व के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभों से अवगत कराते हुए संस्थागत प्रसव को अपनाने हेतु विशेष रूप से प्रेरित किया गया। माताओं को बच्चों के समग्र विकास के लिए मोबाइल फोन से दूर रखने तथा उनके साथ रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में केंद्र पर माताओं एवं बच्चों द्वारा मिट्टी फूल एवं पत्तों के माध्यम से विभिन्न सृजनात्मक गतिविधियां कराई गईं जिससे बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों महिलाओं एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता रही। यह आयोजन पोषण पखवाड़े के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में देखा जा रहा है।