प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में दिव्यांगजनों के लिए विधिक अभिभावक नियुक्ति तथा उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर जिला स्तरीय लोकल लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांगजनों के हितों के संरक्षण और उनके समग्र कल्याण के लिए आवश्यक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों की सहमति के आधार पर प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए पात्र मामलों में विधिक अभिभावकों की नियुक्ति कर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों की प्रत्येक तिमाही में समीक्षा की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिव्यांगजनों को मिलने वाली पेंशन और अन्य सुविधाओं का उपयोग उनके हित में हो रहा है। संबंधित विभागों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है जिसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने जानकारी दी कि नेशनल ट्रस्ट पोर्टल के माध्यम से विधिक अभिभावक नियुक्ति के लिए तीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सोनी पुत्री अयोध्या प्रसाद के लिए संतोष गैरोला विनोद प्रसाद पुत्र जानकी प्रसाद के लिए सविता देवी तथा सुशील चंद्र रतूड़ी पुत्र मदन किशोर रतूड़ी के लिए अनिल कुमार रतूड़ी को विधिक अभिभावक नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा नियुक्त विधिक अभिभावकों की कार्यप्रणाली की हर तीन माह में समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेंशन और अन्य आर्थिक सहायता का सही उपयोग हो रहा है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में दिव्यांगजनों के लिए विधिक अभिभावक नियुक्ति तथा उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर जिला स्तरीय लोकल लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांगजनों के हितों के संरक्षण और उनके समग्र कल्याण के लिए आवश्यक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों की सहमति के आधार पर प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए पात्र मामलों में विधिक अभिभावकों की नियुक्ति कर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों की प्रत्येक तिमाही में समीक्षा की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिव्यांगजनों को मिलने वाली पेंशन और अन्य सुविधाओं का उपयोग उनके हित में हो रहा है। संबंधित विभागों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है जिसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने जानकारी दी कि नेशनल ट्रस्ट पोर्टल के माध्यम से विधिक अभिभावक नियुक्ति के लिए तीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सोनी पुत्री अयोध्या प्रसाद के लिए संतोष गैरोला विनोद प्रसाद पुत्र जानकी प्रसाद के लिए सविता देवी तथा सुशील चंद्र रतूड़ी पुत्र मदन किशोर रतूड़ी के लिए अनिल कुमार रतूड़ी को विधिक अभिभावक नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा नियुक्त विधिक अभिभावकों की कार्यप्रणाली की हर तीन माह में समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेंशन और अन्य आर्थिक सहायता का सही उपयोग हो रहा है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।