प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद टिहरी गढ़वाल में डोबरा-चांठी क्षेत्र के समीप टिहरी झील में स्थित फ्लोटिंग हट्स तेज आंधी-तूफान के कारण अचानक जोखिमपूर्ण स्थिति में आ गए। फ्लोटिंग हट के एक्सल ज्वाइंट का एक हिस्सा खुलने से हट अस्थिर होकर हिलने लगी। उस समय वहां लगभग 30 लोग मौजूद थे जिससे स्थिति गंभीर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ कोटी कॉलोनी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने अपनी 140 एचपी बोट की सहायता से 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जबकि टाडा यूनियन की बोट से 15 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें फ्लोटिंग हट का स्टाफ भी शामिल था। सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाए गए लोगों में से 22 व्यक्तियों को लेक व्यू होटल में तथा 8 लोगों को इको हट में सुरक्षित ठहराया गया। इस पूरे अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है और सभी लोग सुरक्षित हैं। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग हट्स का संचालन फिलहाल असुरक्षित पाया गया है और आवश्यक सुरक्षा मानकों के पालन के बाद ही इनके पुनः संचालन की अनुमति दी जाएगी। घटना के कारणों की जांच और फ्लोटिंग हट्स के सुरक्षित संचालन के परीक्षण के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति में उपजिलाधिकारी टिहरी को अध्यक्ष बनाया गया है जबकि लोनिवि के अधीक्षण अभियंता नई टिहरी के पुलिस क्षेत्राधिकारी जिला पर्यटन विकास अधिकारी और एसडीआरएफ ढालवाला के प्रभारी निरीक्षक को सदस्य नामित किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि स्थल का निरीक्षण कर घटना के कारणों का विस्तृत परीक्षण करें और फ्लोटिंग हट्स के पुनःसंचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करते हुए चार दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद टिहरी गढ़वाल में डोबरा-चांठी क्षेत्र के समीप टिहरी झील में स्थित फ्लोटिंग हट्स तेज आंधी-तूफान के कारण अचानक जोखिमपूर्ण स्थिति में आ गए। फ्लोटिंग हट के एक्सल ज्वाइंट का एक हिस्सा खुलने से हट अस्थिर होकर हिलने लगी। उस समय वहां लगभग 30 लोग मौजूद थे जिससे स्थिति गंभीर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ कोटी कॉलोनी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने अपनी 140 एचपी बोट की सहायता से 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जबकि टाडा यूनियन की बोट से 15 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें फ्लोटिंग हट का स्टाफ भी शामिल था। सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाए गए लोगों में से 22 व्यक्तियों को लेक व्यू होटल में तथा 8 लोगों को इको हट में सुरक्षित ठहराया गया। इस पूरे अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है और सभी लोग सुरक्षित हैं। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग हट्स का संचालन फिलहाल असुरक्षित पाया गया है और आवश्यक सुरक्षा मानकों के पालन के बाद ही इनके पुनः संचालन की अनुमति दी जाएगी। घटना के कारणों की जांच और फ्लोटिंग हट्स के सुरक्षित संचालन के परीक्षण के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति में उपजिलाधिकारी टिहरी को अध्यक्ष बनाया गया है जबकि लोनिवि के अधीक्षण अभियंता नई टिहरी के पुलिस क्षेत्राधिकारी जिला पर्यटन विकास अधिकारी और एसडीआरएफ ढालवाला के प्रभारी निरीक्षक को सदस्य नामित किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि स्थल का निरीक्षण कर घटना के कारणों का विस्तृत परीक्षण करें और फ्लोटिंग हट्स के पुनःसंचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करते हुए चार दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।