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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बुधवार को प्राधिकरण की सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव नाज़िश कलीम की अध्यक्षता में पैनल अधिवक्ताओं के साथ मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में पैनल अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सहायता समयबद्ध रूप से पहुंचाना विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है जिसके लिए अधिवक्ताओं को संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वंचित एवं आर्थिक रूप से असहाय वर्गों को न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए पात्र व्यक्तियों को त्वरित न्याय दिलाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उच्चतम न्यायालय में आगामी 21,22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)–2026 के सफल आयोजन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गयी। सचिव ने उच्चतम न्यायालय में लंबित जनपद से संबंधित वादों एवं प्रकरणों को सुलह-समझौते के आधार पर विशेष लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि विशेष लोक अदालत आमजन को त्वरित सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। इसके लिए अधिवक्ताओं को अधिकाधिक लोगों को जागरुक करने तथा पक्षकारों को समझौता आधारित समाधान के लिए प्रेरित करने को कहा गया। बैठक में विधिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने जन-जागरुकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा आगामी विधिक सेवा कार्यक्रमों के सफल आयोजन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर समस्त पैनल अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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