प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम 2025 के 1 जुलाई 2026 से क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला विकास अधिकारी समस्त खंड विकास अधिकारी तथा उप कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने प्रतिभाग किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने मिशन के अंतर्गत जल सुरक्षा एवं संरक्षण कार्य ग्रामीण अवसंरचना विकास आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन और प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन चारों क्षेत्रों को विकास सशक्तिकरण समन्वय और स्थायी आजीविका का आधार बनाया जाएगा। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए जिससे कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और गांव के अंतिम व्यक्ति तक रोजगार के अवसर पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि इससे गांवों का विकास और अधिक गति से आगे बढ़ेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रत्येक विकासखंड में एक स्वावलंबी मॉडल गांव विकसित करने के निर्देश भी दिए जो स्वयं अपने आय के स्रोत सृजित कर सके। उन्होंने कहा कि गांवों में जल संरक्षण स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कूड़ा अपशिष्ट प्रबंधन जल निकासी व्यवस्था सिंचाई सुविधाएं आजीविका के लिए नर्सरी निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने गांवों में ओपन जिम और फिटनेस सेंटर विकसित करने स्थानीय खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीणों की आजीविका संवर्धन के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सीडीओ की अध्यक्षता में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित
