प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोग परिसर में रजत जयंती समारोह का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। समारोह का शुभारम्भ राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। आयोग के अध्यक्ष डॉ.रवि दत्त गोदियाल ने मुख्य अतिथि आयोग के पूर्व अध्यक्ष के.आर्या और विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रथम महिला सदस्य डॉ.सुधा रानी पाण्डे सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में आयोग की 25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग ने अब तक 220 से अधिक सीधी भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से 25 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर राज्य को मानव संसाधन उपलब्ध कराया है। पदोन्नति के माध्यम से हुए चयन को जोड़ने पर यह संख्या 40 हजार से अधिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि आयोग युवाओं को समान और निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से कराने के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जा रहा है। साथ ही ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन परीक्षा केंद्रों का ऑनलाइन प्रबंधन उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया के सभी चरणों के डिजिटलीकरण पर तेजी से काम किया जा रहा है जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके। समारोह में आयोग के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष एन.पी.नवानी एस.के.दास तथा पूर्व सदस्य भुवन चन्द्र को श्रद्धांजलि भी दी गई। इसके बाद आयोग के सचिव अशोक कुमार पाण्डेय ने आयोग की 25 वर्षों की यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने पेपर लीक और फर्जी अभ्यर्थियों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों शुचिता ऐप डिजीलॉकर और परीक्षा केंद्र प्रबंधन प्रणाली के उपयोग की जानकारी दी। इस अवसर पर आयोग के इतिहास और उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया। समारोह में पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल आनंद सिंह रावत डॉ.एन.एस.बिष्ट लेफ्टिनेंट जनरल जी.एस.नेगी तथा पूर्व सदस्य डॉ.जी.एस.नयाल आर.जे.सिंह डी.के.भट्ट संजय शर्मा सुमेर चन्द रवि डॉ.छाया शुक्ला प्रो.एन.एस.भण्डारी पी.के.जोशी और मनोज सिंह रावत सहित अन्य वक्ताओं ने आयोग की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों पर अपने विचार रखे। रजत जयंती समारोह के अवसर पर स्मारिका मेधा के विशेषांक का विमोचन किया गया। साथ ही आयोग के रजत जयंती लोगो का अनावरण भी किया गया जिसे पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल आनंद सिंह रावत ने तैयार किया है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए यूकेपीएससी मित्र मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में कार्य करेगा तथा इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। मुख्य अतिथि के.आर्या ने अपने संबोधन में आयोग के शुरुआती दौर की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद आयोग ने निरंतर विकास करते हुए अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वहीं डॉ.सुधा रानी पाण्डे ने कहा कि आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थी आज विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर उत्कृष्ट कार्य कर राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं। समारोह में पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ सदस्य अनिल कुमार राणा ने सभी अतिथियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोग परिसर में रजत जयंती समारोह का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। समारोह का शुभारम्भ राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। आयोग के अध्यक्ष डॉ.रवि दत्त गोदियाल ने मुख्य अतिथि आयोग के पूर्व अध्यक्ष के.आर्या और विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रथम महिला सदस्य डॉ.सुधा रानी पाण्डे सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में आयोग की 25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग ने अब तक 220 से अधिक सीधी भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से 25 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर राज्य को मानव संसाधन उपलब्ध कराया है। पदोन्नति के माध्यम से हुए चयन को जोड़ने पर यह संख्या 40 हजार से अधिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि आयोग युवाओं को समान और निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से कराने के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जा रहा है। साथ ही ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन परीक्षा केंद्रों का ऑनलाइन प्रबंधन उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया के सभी चरणों के डिजिटलीकरण पर तेजी से काम किया जा रहा है जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके। समारोह में आयोग के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष एन.पी.नवानी एस.के.दास तथा पूर्व सदस्य भुवन चन्द्र को श्रद्धांजलि भी दी गई। इसके बाद आयोग के सचिव अशोक कुमार पाण्डेय ने आयोग की 25 वर्षों की यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने पेपर लीक और फर्जी अभ्यर्थियों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों शुचिता ऐप डिजीलॉकर और परीक्षा केंद्र प्रबंधन प्रणाली के उपयोग की जानकारी दी। इस अवसर पर आयोग के इतिहास और उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया। समारोह में पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल आनंद सिंह रावत डॉ.एन.एस.बिष्ट लेफ्टिनेंट जनरल जी.एस.नेगी तथा पूर्व सदस्य डॉ.जी.एस.नयाल आर.जे.सिंह डी.के.भट्ट संजय शर्मा सुमेर चन्द रवि डॉ.छाया शुक्ला प्रो.एन.एस.भण्डारी पी.के.जोशी और मनोज सिंह रावत सहित अन्य वक्ताओं ने आयोग की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों पर अपने विचार रखे। रजत जयंती समारोह के अवसर पर स्मारिका मेधा के विशेषांक का विमोचन किया गया। साथ ही आयोग के रजत जयंती लोगो का अनावरण भी किया गया जिसे पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल आनंद सिंह रावत ने तैयार किया है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए यूकेपीएससी मित्र मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में कार्य करेगा तथा इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। मुख्य अतिथि के.आर्या ने अपने संबोधन में आयोग के शुरुआती दौर की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद आयोग ने निरंतर विकास करते हुए अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वहीं डॉ.सुधा रानी पाण्डे ने कहा कि आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थी आज विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर उत्कृष्ट कार्य कर राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं। समारोह में पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ सदस्य अनिल कुमार राणा ने सभी अतिथियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।