आई.टी.आई. रैतोली,रुद्रप्रयाग में दो दिवसीय स्टार्ट-अप बूट कैंप सम्पन्न
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उद्योग निदेशालय,उत्तराखण्ड,जिला उद्योग केन्द्र रुद्रप्रयाग व आई.आई.एम काशीपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई.टी.आई.) रैतोली,रुद्रप्रयाग में दो दिवसीय स्टार्ट-अप बूट कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद में स्टार्ट-अप और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना,युवाओं में उद्यमिता की चेतना जागृत करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करना रहा।इस बूट कैंप में भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) काशीपुर के विशेषज्ञों ने छात्रों को स्टार्ट-अप की बारीकियों,नवाचार,व्यवसायिक योजना निर्माण तथा निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों द्वारा साझा की गई प्रस्तुतियाँ,सफलता की कहानियाँ तथा वीडियो ने छात्रों में नवाचार के प्रति रुचि और आत्मविश्वास को बढ़ाया।कार्यक्रम में छात्रों के समक्ष विभिन्न विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों और सफल उद्यमियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। इन वक्ताओं ने स्थानीय संसाधनों के नवाचार में प्रयोग,ग्रामीण परिवेश में व्यवसाय की संभावनाएँ,सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर व्यवसाय की शुरुआत जैसे विषयों पर छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।आई.आई.एम.काशीपुर से प्रो.शौकत अली एवं स्टार्ट-अप हेड राम प्रकाश ने विशेष सत्रों का संचालन करते हुए बताया कि वर्तमान समय में स्टार्ट-अप केवल व्यवसाय की अवधारणा नहीं बल्कि एक नई सोच और समाधान पर आधारित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी नवाचार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं,जिन्हें स्थानीय युवा समझदारी से अपनाकर सफलता की नई ऊँचाइयों को छू सकते हैं।बूट कैंप के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए तथा आई.आई.एम.काशीपुर की टीम से स्टार्ट-अप प्रारंभ करने की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर वक्ताओं ने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने भीतर की प्रतिभा को पहचाने,जोखिम लेने से न डरें और सकारात्मक सोच के साथ नवाचार की दिशा में प्रयासरत रहें। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल छात्रों को दिशा मिलती है,बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएँ भी सशक्त होती हैं।इस अवसर पर आई.टी.आई.रैतोली के प्राचार्य पवन बुटोला,जिला उद्योग केन्द्र,रुद्रप्रयाग के महाप्रबन्धक महेश प्रकाश,प्रबन्धक अंकित कण्डारी,आरसेटी के निदेशक किशन रावत,जिला सेवायोजन अधिकारी सुशील चन्द्र चमोली,इन्क्यूबेटर मैनेजर महावीर सिंह बिष्ट,स्थानीय उद्यमी बलवंत सिंह रावत, प्रकाश सिंह एवं आशा देवी सहित अनेक अधिकारी व विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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आई.टी.आई. रैतोली,रुद्रप्रयाग में दो दिवसीय स्टार्ट-अप बूट कैंप सम्पन्न
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उद्योग निदेशालय,उत्तराखण्ड,जिला उद्योग केन्द्र रुद्रप्रयाग व आई.आई.एम काशीपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई.टी.आई.) रैतोली,रुद्रप्रयाग में दो दिवसीय स्टार्ट-अप बूट कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद में स्टार्ट-अप और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना,युवाओं में उद्यमिता की चेतना जागृत करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करना रहा।इस बूट कैंप में भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) काशीपुर के विशेषज्ञों ने छात्रों को स्टार्ट-अप की बारीकियों,नवाचार,व्यवसायिक योजना निर्माण तथा निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों द्वारा साझा की गई प्रस्तुतियाँ,सफलता की कहानियाँ तथा वीडियो ने छात्रों में नवाचार के प्रति रुचि और आत्मविश्वास को बढ़ाया।कार्यक्रम में छात्रों के समक्ष विभिन्न विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों और सफल उद्यमियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। इन वक्ताओं ने स्थानीय संसाधनों के नवाचार में प्रयोग,ग्रामीण परिवेश में व्यवसाय की संभावनाएँ,सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर व्यवसाय की शुरुआत जैसे विषयों पर छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।आई.आई.एम.काशीपुर से प्रो.शौकत अली एवं स्टार्ट-अप हेड राम प्रकाश ने विशेष सत्रों का संचालन करते हुए बताया कि वर्तमान समय में स्टार्ट-अप केवल व्यवसाय की अवधारणा नहीं बल्कि एक नई सोच और समाधान पर आधारित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी नवाचार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं,जिन्हें स्थानीय युवा समझदारी से अपनाकर सफलता की नई ऊँचाइयों को छू सकते हैं।बूट कैंप के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए तथा आई.आई.एम.काशीपुर की टीम से स्टार्ट-अप प्रारंभ करने की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर वक्ताओं ने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने भीतर की प्रतिभा को पहचाने,जोखिम लेने से न डरें और सकारात्मक सोच के साथ नवाचार की दिशा में प्रयासरत रहें। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल छात्रों को दिशा मिलती है,बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएँ भी सशक्त होती हैं।इस अवसर पर आई.टी.आई.रैतोली के प्राचार्य पवन बुटोला,जिला उद्योग केन्द्र,रुद्रप्रयाग के महाप्रबन्धक महेश प्रकाश,प्रबन्धक अंकित कण्डारी,आरसेटी के निदेशक किशन रावत,जिला सेवायोजन अधिकारी सुशील चन्द्र चमोली,इन्क्यूबेटर मैनेजर महावीर सिंह बिष्ट,स्थानीय उद्यमी बलवंत सिंह रावत, प्रकाश सिंह एवं आशा देवी सहित अनेक अधिकारी व विशेषज्ञ उपस्थित रहे।