जिलाधिकारी और सीडीओ ने हरिद्वार में रीप परियोजना कार्यों का किया औचक निरीक्षण
प्रदीप कुमार
भगवानपुर/रुड़की/हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के क्रम में,जनपद हरिद्वार के समस्त विकासखंडों में अल्ट्रा पूवर सपोर्ट,एंटरप्राइजेज (फॉर्म एवं नॉन फॉर्म) और सीबीओ लेवल के एंटरप्राइजेज की स्थापना की गई है,जो ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे द्वारा बुद्धवार को ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत भगवानपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत अमानतगढ़ और ग्राम पंचायत बुग्गावाला में किए गए कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान उद्यमों की प्रगति का आँकलन व भौतिक प्रगति की मौके पर ही समीक्षा की।निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत अमानतगढ़ में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत पशुपालन विभाग उत्तराखंड के सहयोग से स्थापित बकरी प्रजनन केंद्र के भ्रमण से हुई। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को जिला परियोजना प्रबंधक,ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना संजय सक्सेना और मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी,डी.के.चंद्र द्वारा केंद्र के उद्देश्यों,संभावित लाभों और भविष्य में इसके संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। सक्सेना ने बताया कि केंद्र की लागत,बकरियों की क्षमता,उनकी प्रजाति और बच्चों के विपणन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस केंद्र की विशेष पहचान चार प्रकार की बकरी नस्लों का उत्पादन करना है। पहले चरण में राजस्थान की जाखराना ब्रीड लाई गई है,जिसका औसत दैनिक दुग्ध उत्पादन 3 से 4 लीटर है। यहां उत्पन्न होने वाले उच्च नस्ल के बकरी का विपणन जिले के बकरी पालकों को उचित दाम पर किया जाएगा,जिससे जनपद में बकरी उत्पादन और दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी,जो भविष्य में वैल्यू एडिशन के माध्यम से कन्फेक्शनरी और अन्य उत्पादों के उत्पादन का मार्ग प्रशस्त करेगी।जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि किसान एवम् पशु पालकों को जनपद के मौसम के अनुकूल बकरी की नस्लें उपलब्ध कराई जाएं जोकि यहां के वातारण में जीवित रहने के साथ ही सही से फल–फूल सकें ताकि किसानों की आय के लिए एक अच्छा संसाधन मिल सके।तत्पश्चात,जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने प्रकाशमय सीएलएफ,बुग्गावाला सीएलएफ कार्यालय का दौरा किया,जहां प्रकाशमय सीएलएफ के बीओडी सदस्यों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी का गर्मजोशी से स्वागत किया।बीओडी सदस्यों ने कार्यालय में स्थापित आलू प्रसंस्करण इकाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी,जिसमें आलू के चिप्स और आटा बनाया जाएगा। इस इकाई की स्थापना महिलाओं द्वारा स्थानीय आलू किसानों को उचित मूल्य न मिलने की समस्या के समाधान के लिए की गई है,और इसके उत्पादों के विपणन की योजना भी पहले से ही तैयार है।इकाई का पूरा प्रबंधन निदेशक मण्डल द्वारा किया जाएगा,और इसके संचालन हेतु एक विशेषज्ञ को नियुक्त किया जाएगा जो गुणवत्ता और उत्पादन पर तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।निरीक्षण के दौरान,महिलाओं ने बिजली कनेक्शन संबंधी समस्या से अवगत कराया,जिसके त्वरित निस्तारण हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मार्गदर्शित करते हुए कहा कि आपके प्रोडक्ट की क्वालिटी और टेस्ट जितना अच्छा होगा,सामान की डिमांड उतनी ही अच्छी होगी क्योंकि अच्छे प्रोडक्ट को मार्केट की नहीं बल्कि मार्केट को अच्छे प्रोडक्ट की आवश्यकता होती है।उन्होंने रीप के अधिकारियों को समूह को नियमानुसार सभी सुविधाएं 7मुहैया कराने के निर्देश दिए।भ्रमण के दौरान जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश,जिला सूचना अधिकारी अहमद नदीम,रीप परियोजना के जिला स्तरीय स्टाफ,खंड विकास अधिकारी भगवानपुर आलोक गर्ग,रीप और एनआरएलएम विकासखंड स्टाफ,सीएलएफ स्टाफ,और अन्य रेखीय विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।परियोजना निदेशक रीप ने बताया कि यह निरीक्षण जनपद हरिद्वार में ग्रामीण सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे ठोस प्रयासों को उजागर करता है,जिससे स्थानीय किसानों और महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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जिलाधिकारी और सीडीओ ने हरिद्वार में रीप परियोजना कार्यों का किया औचक निरीक्षण
प्रदीप कुमार
भगवानपुर/रुड़की/हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के क्रम में,जनपद हरिद्वार के समस्त विकासखंडों में अल्ट्रा पूवर सपोर्ट,एंटरप्राइजेज (फॉर्म एवं नॉन फॉर्म) और सीबीओ लेवल के एंटरप्राइजेज की स्थापना की गई है,जो ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे द्वारा बुद्धवार को ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत भगवानपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत अमानतगढ़ और ग्राम पंचायत बुग्गावाला में किए गए कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान उद्यमों की प्रगति का आँकलन व भौतिक प्रगति की मौके पर ही समीक्षा की।निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत अमानतगढ़ में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत पशुपालन विभाग उत्तराखंड के सहयोग से स्थापित बकरी प्रजनन केंद्र के भ्रमण से हुई। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को जिला परियोजना प्रबंधक,ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना संजय सक्सेना और मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी,डी.के.चंद्र द्वारा केंद्र के उद्देश्यों,संभावित लाभों और भविष्य में इसके संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। सक्सेना ने बताया कि केंद्र की लागत,बकरियों की क्षमता,उनकी प्रजाति और बच्चों के विपणन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस केंद्र की विशेष पहचान चार प्रकार की बकरी नस्लों का उत्पादन करना है। पहले चरण में राजस्थान की जाखराना ब्रीड लाई गई है,जिसका औसत दैनिक दुग्ध उत्पादन 3 से 4 लीटर है। यहां उत्पन्न होने वाले उच्च नस्ल के बकरी का विपणन जिले के बकरी पालकों को उचित दाम पर किया जाएगा,जिससे जनपद में बकरी उत्पादन और दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी,जो भविष्य में वैल्यू एडिशन के माध्यम से कन्फेक्शनरी और अन्य उत्पादों के उत्पादन का मार्ग प्रशस्त करेगी।जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि किसान एवम् पशु पालकों को जनपद के मौसम के अनुकूल बकरी की नस्लें उपलब्ध कराई जाएं जोकि यहां के वातारण में जीवित रहने के साथ ही सही से फल–फूल सकें ताकि किसानों की आय के लिए एक अच्छा संसाधन मिल सके।तत्पश्चात,जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने प्रकाशमय सीएलएफ,बुग्गावाला सीएलएफ कार्यालय का दौरा किया,जहां प्रकाशमय सीएलएफ के बीओडी सदस्यों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी का गर्मजोशी से स्वागत किया।बीओडी सदस्यों ने कार्यालय में स्थापित आलू प्रसंस्करण इकाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी,जिसमें आलू के चिप्स और आटा बनाया जाएगा। इस इकाई की स्थापना महिलाओं द्वारा स्थानीय आलू किसानों को उचित मूल्य न मिलने की समस्या के समाधान के लिए की गई है,और इसके उत्पादों के विपणन की योजना भी पहले से ही तैयार है।इकाई का पूरा प्रबंधन निदेशक मण्डल द्वारा किया जाएगा,और इसके संचालन हेतु एक विशेषज्ञ को नियुक्त किया जाएगा जो गुणवत्ता और उत्पादन पर तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।निरीक्षण के दौरान,महिलाओं ने बिजली कनेक्शन संबंधी समस्या से अवगत कराया,जिसके त्वरित निस्तारण हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मार्गदर्शित करते हुए कहा कि आपके प्रोडक्ट की क्वालिटी और टेस्ट जितना अच्छा होगा,सामान की डिमांड उतनी ही अच्छी होगी क्योंकि अच्छे प्रोडक्ट को मार्केट की नहीं बल्कि मार्केट को अच्छे प्रोडक्ट की आवश्यकता होती है।उन्होंने रीप के अधिकारियों को समूह को नियमानुसार सभी सुविधाएं 7मुहैया कराने के निर्देश दिए।भ्रमण के दौरान जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश,जिला सूचना अधिकारी अहमद नदीम,रीप परियोजना के जिला स्तरीय स्टाफ,खंड विकास अधिकारी भगवानपुर आलोक गर्ग,रीप और एनआरएलएम विकासखंड स्टाफ,सीएलएफ स्टाफ,और अन्य रेखीय विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।परियोजना निदेशक रीप ने बताया कि यह निरीक्षण जनपद हरिद्वार में ग्रामीण सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे ठोस प्रयासों को उजागर करता है,जिससे स्थानीय किसानों और महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।