प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग के पास हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय बालक आयुष्मान की जिंदगी बचाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल के डॉक्टरों ने लगातार दो दिन तक कड़ी मेहनत की। गंभीर हालत में अस्पताल लाए गए बालक को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही थी। उपचार के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे होश आने पर वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार आयुष्मान के सिर हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई थीं जबकि पैर में फ्रैक्चर भी हुआ है। हालत स्थिर होने के बाद बच्चा अपने पिता से इशारों बातचीत करने लगा जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए परिजनों ने उसे एम्स ऋषिकेश रेफर करने का अनुरोध किया। गुरुवार को प्रशासन की मदद से आयुष्मान को हेली सेवा के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। बेस अस्पताल के आईसीयू नर्सिंग इंचार्ज विवेक त्यागी ने बताया कि डॉक्टरों की सतत निगरानी और उपचार के चलते बच्चे की स्थिति अब स्थिर है। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम ने पूरी तत्परता के साथ इलाज किया जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।
Spread the love
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग के पास हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय बालक आयुष्मान की जिंदगी बचाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल के डॉक्टरों ने लगातार दो दिन तक कड़ी मेहनत की। गंभीर हालत में अस्पताल लाए गए बालक को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही थी। उपचार के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे होश आने पर वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार आयुष्मान के सिर हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई थीं जबकि पैर में फ्रैक्चर भी हुआ है। हालत स्थिर होने के बाद बच्चा अपने पिता से इशारों बातचीत करने लगा जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए परिजनों ने उसे एम्स ऋषिकेश रेफर करने का अनुरोध किया। गुरुवार को प्रशासन की मदद से आयुष्मान को हेली सेवा के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। बेस अस्पताल के आईसीयू नर्सिंग इंचार्ज विवेक त्यागी ने बताया कि डॉक्टरों की सतत निगरानी और उपचार के चलते बच्चे की स्थिति अब स्थिर है। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम ने पूरी तत्परता के साथ इलाज किया जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।