प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। बद्रीनाथ धाम को विश्वस्तरीय तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शनिवार को संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में धाम क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाह पथ प्रकाश व्यवस्था व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सुव्यवस्थित विकास नदी तटों की सुरक्षा पार्किंग सीवर निस्तारण तथा अन्य यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। पीआईयू (लोक निर्माण विभाग) के अधिकारियों ने बताया कि बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धाम को अधिक सुव्यवस्थित सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए कार्यों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को मास्टर प्लान के फेज-3 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की योजना और अध्ययन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि फेज-1 के अंतर्गत वन-वे लूप रोड बीआरओ बाईपास रोड सिविक एमेनिटी बिल्डिंग शेषनेत्र लेक बद्रीश लेक आईएसबीटी भवन टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर भवन तथा अराइवल प्लाजा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने अस्पताल विस्तार भवन का कार्य भी शीघ्र पूरा करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक उपकरणों की स्थापना की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट विकास कार्यों को भी उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि फेज-2 के अंतर्गत प्रशासनिक भवन इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर भवन रिवरफ्रंट पैदल सेतु तथा तीर्थ पुरोहित आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुके तीर्थ पुरोहित आवासों में विद्युत पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनका शीघ्र आवंटन और शिफ्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पिलग्रिम एकोमोडेशन ब्लॉक को भी प्राथमिकता के आधार पर हस्तांतरित करने को कहा। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने धाम क्षेत्र में अतिक्रमण की संभावनाओं को रोकने के लिए उपजिलाधिकारी को सभी भूमि पैचों को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही परिसंपत्तियों एवं भूमि की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। बैठक में उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। बद्रीनाथ धाम को विश्वस्तरीय तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शनिवार को संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में धाम क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाह पथ प्रकाश व्यवस्था व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सुव्यवस्थित विकास नदी तटों की सुरक्षा पार्किंग सीवर निस्तारण तथा अन्य यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। पीआईयू (लोक निर्माण विभाग) के अधिकारियों ने बताया कि बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धाम को अधिक सुव्यवस्थित सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए कार्यों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को मास्टर प्लान के फेज-3 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की योजना और अध्ययन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि फेज-1 के अंतर्गत वन-वे लूप रोड बीआरओ बाईपास रोड सिविक एमेनिटी बिल्डिंग शेषनेत्र लेक बद्रीश लेक आईएसबीटी भवन टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर भवन तथा अराइवल प्लाजा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने अस्पताल विस्तार भवन का कार्य भी शीघ्र पूरा करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक उपकरणों की स्थापना की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट विकास कार्यों को भी उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि फेज-2 के अंतर्गत प्रशासनिक भवन इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर भवन रिवरफ्रंट पैदल सेतु तथा तीर्थ पुरोहित आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुके तीर्थ पुरोहित आवासों में विद्युत पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनका शीघ्र आवंटन और शिफ्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पिलग्रिम एकोमोडेशन ब्लॉक को भी प्राथमिकता के आधार पर हस्तांतरित करने को कहा। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने धाम क्षेत्र में अतिक्रमण की संभावनाओं को रोकने के लिए उपजिलाधिकारी को सभी भूमि पैचों को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही परिसंपत्तियों एवं भूमि की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। बैठक में उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।