प्रदीप कुमार
ज्योतिर्मठ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने उपजिला चिकित्सालय ज्योतिर्मठ का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मरीजों के तीमारदारों से भी बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं उपचार की गुणवत्ता तथा उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को अनावश्यक रूप से उच्च संस्थानों में रेफर करने से बचा जाए तथा अधिक से अधिक उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चिकित्सकों को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग सुनिश्चित करने तथा मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत ज्योतिर्मठ के महत्व को देखते हुए मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को चौबीसों घंटे सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था शौचालयों की साफ-सफाई पेयजल की उपलब्धता तथा मरीजों और तीमारदारों को दी जा रही सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि परिसर में स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र से गुजरते हैं इसलिए स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में सभी स्वास्थ्य कर्मी पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
ज्योतिर्मठ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने उपजिला चिकित्सालय ज्योतिर्मठ का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मरीजों के तीमारदारों से भी बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं उपचार की गुणवत्ता तथा उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को अनावश्यक रूप से उच्च संस्थानों में रेफर करने से बचा जाए तथा अधिक से अधिक उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चिकित्सकों को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग सुनिश्चित करने तथा मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत ज्योतिर्मठ के महत्व को देखते हुए मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को चौबीसों घंटे सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था शौचालयों की साफ-सफाई पेयजल की उपलब्धता तथा मरीजों और तीमारदारों को दी जा रही सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि परिसर में स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र से गुजरते हैं इसलिए स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में सभी स्वास्थ्य कर्मी पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।