प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने सोमवार को पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी एवं कर्मचारी सम्मेलन आयोजित कर जनपद की कानून व्यवस्था अपराध नियंत्रण मानसून तैयारियों अग्नि सुरक्षा साइबर अपराध सड़क सुरक्षा तथा लंबित मामलों की समीक्षा की। गोष्ठी में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी थाना एवं चौकी प्रभारी स्थानीय अभिसूचना इकाई फायर सर्विस दूरसंचार शाखा तथा अन्य शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। गोष्ठी की शुरुआत कर्मचारी सम्मेलन से हुई जिसमें पुलिस कर्मियों की समस्याएं सुनते हुए उनके त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह भ्रामक सूचना अथवा कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निरंतर निगरानी रखते हुए आपत्तिजनक एवं भ्रामक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। मानसून को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा गया कि आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों को चौबीसों घंटे क्रियाशील रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। सभी थाना क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार निगरानी रखने तथा भूस्खलन की स्थिति में आमजन को तत्काल सतर्क करने के निर्देश भी दिए गए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी हेलमेट टॉर्च फर्स्ट एड किट एवं अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करें। मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर सड़क खुलवाने तथा यातायात सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए। जनपद की सभी फायर यूनिटों को कोचिंग संस्थानों अस्पतालों सरकारी एवं निजी कार्यालयों वेडिंग प्वाइंट होटलों हॉस्टलों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट करने तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत फरार वांछित इनामी एवं पेशेवर अपराधियों की गिरफ्तारी सत्यापन अभियान तथा संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की थाना-वार समीक्षा करते हुए सभी थानाध्यक्षों को अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में आई-रैड एप के प्रबंधक दीपक सिंह रावत ने सड़क दुर्घटनाओं के ऑनलाइन डेटा प्रबंधन आई-रैड एवं एमएसीटी प्रणाली तथा प्रधानमंत्री राहत योजना के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दुर्घटना संबंधी सूचनाओं की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन प्रविष्टि तथा पीड़ितों को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। सभी थाना प्रभारियों को अज्ञात शवों की शीघ्र शिनाख्त तथा गुमशुदा व्यक्तियों की शत-प्रतिशत बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा करते हुए तकनीकी एवं मानवीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साइबर सेल द्वारा एमआरएम जीआरएम एवं सहयोग पोर्टल के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान पोर्टलों के उद्देश्य संचालन प्रक्रिया ऑनलाइन प्रविष्टि शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा मॉनिटरिंग प्रणाली की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने लंबित विवेचनाओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने तथा कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने पर उपनिरीक्षक देवेन्द्र भारती को पुलिस मैन ऑफ द मंथ चुना गया। इसके साथ ही सराहनीय कार्य करने वाले अन्य पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी में पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा सहित जनपद के सभी थाना प्रभारी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने सोमवार को पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी एवं कर्मचारी सम्मेलन आयोजित कर जनपद की कानून व्यवस्था अपराध नियंत्रण मानसून तैयारियों अग्नि सुरक्षा साइबर अपराध सड़क सुरक्षा तथा लंबित मामलों की समीक्षा की। गोष्ठी में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी थाना एवं चौकी प्रभारी स्थानीय अभिसूचना इकाई फायर सर्विस दूरसंचार शाखा तथा अन्य शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। गोष्ठी की शुरुआत कर्मचारी सम्मेलन से हुई जिसमें पुलिस कर्मियों की समस्याएं सुनते हुए उनके त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह भ्रामक सूचना अथवा कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निरंतर निगरानी रखते हुए आपत्तिजनक एवं भ्रामक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। मानसून को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा गया कि आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों को चौबीसों घंटे क्रियाशील रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। सभी थाना क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार निगरानी रखने तथा भूस्खलन की स्थिति में आमजन को तत्काल सतर्क करने के निर्देश भी दिए गए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी हेलमेट टॉर्च फर्स्ट एड किट एवं अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करें। मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर सड़क खुलवाने तथा यातायात सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए। जनपद की सभी फायर यूनिटों को कोचिंग संस्थानों अस्पतालों सरकारी एवं निजी कार्यालयों वेडिंग प्वाइंट होटलों हॉस्टलों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट करने तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत फरार वांछित इनामी एवं पेशेवर अपराधियों की गिरफ्तारी सत्यापन अभियान तथा संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की थाना-वार समीक्षा करते हुए सभी थानाध्यक्षों को अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में आई-रैड एप के प्रबंधक दीपक सिंह रावत ने सड़क दुर्घटनाओं के ऑनलाइन डेटा प्रबंधन आई-रैड एवं एमएसीटी प्रणाली तथा प्रधानमंत्री राहत योजना के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दुर्घटना संबंधी सूचनाओं की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन प्रविष्टि तथा पीड़ितों को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। सभी थाना प्रभारियों को अज्ञात शवों की शीघ्र शिनाख्त तथा गुमशुदा व्यक्तियों की शत-प्रतिशत बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा करते हुए तकनीकी एवं मानवीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साइबर सेल द्वारा एमआरएम जीआरएम एवं सहयोग पोर्टल के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान पोर्टलों के उद्देश्य संचालन प्रक्रिया ऑनलाइन प्रविष्टि शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा मॉनिटरिंग प्रणाली की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने लंबित विवेचनाओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने तथा कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने पर उपनिरीक्षक देवेन्द्र भारती को पुलिस मैन ऑफ द मंथ चुना गया। इसके साथ ही सराहनीय कार्य करने वाले अन्य पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी में पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा सहित जनपद के सभी थाना प्रभारी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।