प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। भारतीय जनता पार्टी महानगर देहरादून की ओर से सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ.सुधा यादव कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी विधायक खजान दास विधायक सविता कपूर विधायक उमेश शर्मा काऊ महापौर सौरभ थपलियाल तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ.सुधा यादव एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके विचार आज भी राष्ट्रहित और जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में उनका सर्वोच्च स्थान है। उन्होंने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया तथा एक देश एक विधान एक निशान की भावना को लेकर संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को हटाकर उनके दशकों पुराने संकल्प को साकार किया गया जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मातृभाषा को महत्व देने की बात कही थी जिसकी झलक नई शिक्षा नीति-2020 में भी दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि डॉ.मुखर्जी ने सिद्धांतों से समझौता न करते हुए तत्कालीन सरकार से इस्तीफा दिया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय जनसंघ की स्थापना की। वर्ष 1953 में बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और हिरासत के दौरान उनका निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। कार्यक्रम में संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ.सुधा यादव ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री रहे। उन्होंने देश की औद्योगिक नीति की आधारशिला रखी तथा भारत को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन रेलवे विमानन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने सत्ता से अधिक राष्ट्रहित को महत्व दिया और सिद्धांतों के लिए मंत्री पद का त्याग किया। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद राष्ट्रीय एकीकरण स्वदेशी अर्थव्यवस्था अखंड भारत और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उनके नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई और यही विचारधारा आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 के पहले आम चुनाव में जनसंघ ने संसद में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और बाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अटल बिहारी वाजपेयी तथा लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं ने इस विचारधारा को आगे बढ़ाया। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन जनसेवा ईमानदारी राष्ट्रभक्ति और सिद्धांतों के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन संदेश देता है कि राष्ट्र हमेशा व्यक्तिगत हितों और सत्ता से ऊपर होता है। कार्यक्रम में दर्जाधारी मंत्री विनोद उनियाल डॉ.देवेंद्र भसीन श्याम अग्रवाल विश्वास डाबर महानगर उपाध्यक्ष राजेंद्र ढिल्लों संकेत नौटियाल महानगर महामंत्री सुनील शर्मा विजेंद्र संदीप मुखर्जी मंत्री समीर डोभाल संतोष सेमवाल विनोद शर्मा मोतीराम सभी मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। भारतीय जनता पार्टी महानगर देहरादून की ओर से सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ.सुधा यादव कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी विधायक खजान दास विधायक सविता कपूर विधायक उमेश शर्मा काऊ महापौर सौरभ थपलियाल तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ.सुधा यादव एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके विचार आज भी राष्ट्रहित और जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में उनका सर्वोच्च स्थान है। उन्होंने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया तथा एक देश एक विधान एक निशान की भावना को लेकर संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को हटाकर उनके दशकों पुराने संकल्प को साकार किया गया जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मातृभाषा को महत्व देने की बात कही थी जिसकी झलक नई शिक्षा नीति-2020 में भी दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि डॉ.मुखर्जी ने सिद्धांतों से समझौता न करते हुए तत्कालीन सरकार से इस्तीफा दिया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय जनसंघ की स्थापना की। वर्ष 1953 में बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और हिरासत के दौरान उनका निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। कार्यक्रम में संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ.सुधा यादव ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री रहे। उन्होंने देश की औद्योगिक नीति की आधारशिला रखी तथा भारत को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन रेलवे विमानन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने सत्ता से अधिक राष्ट्रहित को महत्व दिया और सिद्धांतों के लिए मंत्री पद का त्याग किया। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद राष्ट्रीय एकीकरण स्वदेशी अर्थव्यवस्था अखंड भारत और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उनके नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई और यही विचारधारा आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 के पहले आम चुनाव में जनसंघ ने संसद में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और बाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अटल बिहारी वाजपेयी तथा लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं ने इस विचारधारा को आगे बढ़ाया। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन जनसेवा ईमानदारी राष्ट्रभक्ति और सिद्धांतों के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन संदेश देता है कि राष्ट्र हमेशा व्यक्तिगत हितों और सत्ता से ऊपर होता है। कार्यक्रम में दर्जाधारी मंत्री विनोद उनियाल डॉ.देवेंद्र भसीन श्याम अग्रवाल विश्वास डाबर महानगर उपाध्यक्ष राजेंद्र ढिल्लों संकेत नौटियाल महानगर महामंत्री सुनील शर्मा विजेंद्र संदीप मुखर्जी मंत्री समीर डोभाल संतोष सेमवाल विनोद शर्मा मोतीराम सभी मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।