प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत जनपद में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण सर्वेक्षण पंजीकरण एवं डिजिटाइजेशन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने कहा कि ज्ञान भारत मिशन भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य देश की प्राचीन एवं आधुनिक ज्ञान परंपरा का संरक्षण दस्तावेजीकरण डिजिटाइजेशन तथा उसे आमजन के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जनपद के सार्वजनिक एवं निजी पुस्तकालयों शिक्षण संस्थानों धार्मिक स्थलों आश्रमों मठों गुरुद्वारों तथा अन्य संस्थाओं में उपलब्ध पांडुलिपियों एवं दुर्लभ ज्ञान सामग्री का समयबद्ध सर्वेक्षण और पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति में विभिन्न विभागों के सदस्यों को नामित किया गया है जो जनपद में उपलब्ध पांडुलिपियों के सर्वेक्षण सत्यापन एवं संरक्षण कार्यों का समन्वय करेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी धार्मिक संस्था स्वयंसेवी संगठन शिक्षण संस्थान सामाजिक संगठन अथवा किसी व्यक्ति के पास प्राचीन पांडुलिपि हस्तलिखित ग्रंथ या दुर्लभ ज्ञान सामग्री उपलब्ध है तो वे इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करते हुए इसकी जानकारी जिला पर्यटन कार्यालय के सहायक पर्यटन अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) कार्यालय में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी संस्कृत अकादमी के डॉ.हरेश चंद्र गुरुरानी अथवा संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय को उपलब्ध कराएं ताकि संबंधित पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन किया जा सके। बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने ज्ञान भारत मिशन की कार्ययोजना एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक एवं निजी पुस्तकालयों शिक्षण संस्थानों धार्मिक स्थलों आश्रमों मठों तथा अन्य संस्थाओं में उपलब्ध पांडुलिपियों एवं दुर्लभ ज्ञान सामग्री के सर्वेक्षण संरक्षण पंजीकरण एवं डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पंजीकृत पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम (GYAN BHARATAM) ऐप एवं पोर्टल के माध्यम से डिजिटाइज कर संरक्षित किया जाएगा। बैठक में जिला विकास अधिकारी के.के.पंत जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अभिषेक शुक्ला उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश कुमार सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा वाजश्रवा आर्य सहायक नगर आयुक्त नगर निगम श्याम सुंदर दास जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह ऋषिकुल विद्यापीठ के प्रधानाचार्य डॉ.बलदेव प्रसाद चमोली शोध अधिकारी डॉ.हरीश चंद्र गुरुरानी शिवालिक नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तारीख खान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत जनपद में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण सर्वेक्षण पंजीकरण एवं डिजिटाइजेशन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने कहा कि ज्ञान भारत मिशन भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य देश की प्राचीन एवं आधुनिक ज्ञान परंपरा का संरक्षण दस्तावेजीकरण डिजिटाइजेशन तथा उसे आमजन के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जनपद के सार्वजनिक एवं निजी पुस्तकालयों शिक्षण संस्थानों धार्मिक स्थलों आश्रमों मठों गुरुद्वारों तथा अन्य संस्थाओं में उपलब्ध पांडुलिपियों एवं दुर्लभ ज्ञान सामग्री का समयबद्ध सर्वेक्षण और पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति में विभिन्न विभागों के सदस्यों को नामित किया गया है जो जनपद में उपलब्ध पांडुलिपियों के सर्वेक्षण सत्यापन एवं संरक्षण कार्यों का समन्वय करेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी धार्मिक संस्था स्वयंसेवी संगठन शिक्षण संस्थान सामाजिक संगठन अथवा किसी व्यक्ति के पास प्राचीन पांडुलिपि हस्तलिखित ग्रंथ या दुर्लभ ज्ञान सामग्री उपलब्ध है तो वे इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करते हुए इसकी जानकारी जिला पर्यटन कार्यालय के सहायक पर्यटन अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) कार्यालय में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी संस्कृत अकादमी के डॉ.हरेश चंद्र गुरुरानी अथवा संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय को उपलब्ध कराएं ताकि संबंधित पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन किया जा सके। बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने ज्ञान भारत मिशन की कार्ययोजना एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक एवं निजी पुस्तकालयों शिक्षण संस्थानों धार्मिक स्थलों आश्रमों मठों तथा अन्य संस्थाओं में उपलब्ध पांडुलिपियों एवं दुर्लभ ज्ञान सामग्री के सर्वेक्षण संरक्षण पंजीकरण एवं डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पंजीकृत पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम (GYAN BHARATAM) ऐप एवं पोर्टल के माध्यम से डिजिटाइज कर संरक्षित किया जाएगा। बैठक में जिला विकास अधिकारी के.के.पंत जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अभिषेक शुक्ला उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश कुमार सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा वाजश्रवा आर्य सहायक नगर आयुक्त नगर निगम श्याम सुंदर दास जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह ऋषिकुल विद्यापीठ के प्रधानाचार्य डॉ.बलदेव प्रसाद चमोली शोध अधिकारी डॉ.हरीश चंद्र गुरुरानी शिवालिक नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तारीख खान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।