प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय एनसीओआरडी (नारकोटिक्स समन्वय) की सातवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि जून 2026 के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 4.54 ग्राम स्मैक और 1.801 किलोग्राम चरस बरामद की गई। वहीं आबकारी अधिनियम के तहत चार अभियोग दर्ज कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया तथा 148 बोतल अंग्रेजी शराब और पांच लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि एएनटीएफ टीमों ने जून माह में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 50 नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर हजारों लोगों को नशे के दुष्प्रभावों तथा राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 की जानकारी दी। चिकित्सा आबकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि समाज कल्याण तथा सूचना विभाग ने भी अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध गुंडा अधिनियम सहित अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस राजस्व एवं आबकारी विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती का पता लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय करने नशे की चपेट में आए विद्यार्थियों की काउंसलिंग कराने तथा विद्यालयों और छात्रावासों के आसपास मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों पर सतर्क निगरानी रखने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। अपर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों तथा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं वरिष्ठ औषधि निरीक्षक को आगामी बैठक में मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। बैठक में सभी विभागों को राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आबकारी अधिकारी कुंवर सिंह शिक्षा अधिकारी पूनम चौहान औषधि निरीक्षक ऋषभ धामा समाज कल्याण अधिकारी पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय एनसीओआरडी (नारकोटिक्स समन्वय) की सातवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि जून 2026 के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 4.54 ग्राम स्मैक और 1.801 किलोग्राम चरस बरामद की गई। वहीं आबकारी अधिनियम के तहत चार अभियोग दर्ज कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया तथा 148 बोतल अंग्रेजी शराब और पांच लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि एएनटीएफ टीमों ने जून माह में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 50 नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर हजारों लोगों को नशे के दुष्प्रभावों तथा राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 की जानकारी दी। चिकित्सा आबकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि समाज कल्याण तथा सूचना विभाग ने भी अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध गुंडा अधिनियम सहित अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस राजस्व एवं आबकारी विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती का पता लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय करने नशे की चपेट में आए विद्यार्थियों की काउंसलिंग कराने तथा विद्यालयों और छात्रावासों के आसपास मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों पर सतर्क निगरानी रखने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। अपर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों तथा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं वरिष्ठ औषधि निरीक्षक को आगामी बैठक में मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। बैठक में सभी विभागों को राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आबकारी अधिकारी कुंवर सिंह शिक्षा अधिकारी पूनम चौहान औषधि निरीक्षक ऋषभ धामा समाज कल्याण अधिकारी पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।