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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। श्रावण मास कांवड़ मेला 2026 के सकुशल एवं सुरक्षित संचालन को लेकर टिहरी पुलिस ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। “जय गंगा मैया” के उद्घोष और भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने ओंकारानंद सरस्वती निलायम स्कूल कैलाश गेट में मेला ड्यूटी में तैनात समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत ब्रीफिंग ली। उन्होंने पुलिस बल को सेवा सतर्कता दृढ़ता और शालीनता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा सेवा अनुशासन और जनविश्वास का महापर्व है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे श्रद्धालुओं के साथ सदैव विनम्र संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करें जबकि कानून व्यवस्था भंग करने वाले और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पूरी सख्ती के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हरियाणा दिल्ली राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु जब अपनी यात्रा पूरी कर लौटें तो वे टिहरी पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली अनुशासित व्यवस्था सेवा भाव और उत्तराखंड की अतिथि देवो भवः की संस्कृति की सकारात्मक छवि अपने साथ लेकर जाएं। यही टिहरी पुलिस का उद्देश्य और सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। एसएसपी ने भीड़ प्रबंधन यातायात संचालन पार्किंग व्यवस्था स्नान घाटों की सुरक्षा संवेदनशील स्थलों की निगरानी तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम से प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहकर जिम्मेदारीपूर्वक ड्यूटी का निर्वहन करें। कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और बहुस्तरीय बनाने के लिए 550 से अधिक पुलिस पीएसी होमगार्ड पीआरडी रिक्रूट आरक्षियों तथा अन्य सुरक्षा बलों को मेला क्षेत्र और यात्रा मार्गों पर तैनात किया गया है। मुनिकीरेती नरेंद्रनगर चंबा छाम देवप्रयाग और कीर्तिनगर थाना क्षेत्रों में राजपत्रित अधिकारियों निरीक्षकों उपनिरीक्षकों मुख्य आरक्षियों आरक्षियों महिला पुलिस रिक्रूट आरक्षियों होमगार्ड और पीआरडी जवानों को विभिन्न ड्यूटी प्वाइंटों पर नियुक्त किया गया है ताकि प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 12 पार्किंग स्थल 5 खोया-पाया केंद्र तथा शिवानंद गेट पर एक विशेष पूछताछ केंद्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा मेला क्षेत्र और यात्रा मार्गों पर 7 मोबाइल पुलिस पार्टियां लगातार भ्रमण कर सुरक्षा यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सहायता सुनिश्चित करेंगी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी 68 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को सक्रिय रखा गया है तथा कंट्रोल रूम से प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मेले के दौरान साइबर कमांडो और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम भी पूरी तरह सक्रिय रहेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अफवाह आपत्तिजनक या अवांछित गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध भी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसडीआरएफ और पुलिस की रेस्क्यू टीमें स्नान घाटों पर विशेष रूप से तैनात रहेंगी। इसके अलावा जल पुलिस और अन्य आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से ऑपरेशन क्लीन के तहत अतिक्रमण अवैध गतिविधियों और अव्यवस्थाओं के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जाएगा। होटल धर्मशाला ढाबों किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों का सघन सत्यापन अभियान भी जारी रहेगा। मेला क्षेत्र में स्थापित शिविरों होटल धर्मशालाओं और अन्य प्रतिष्ठानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया गया है तथा अग्निशमन विभाग की टीमें आवश्यक संसाधनों और उपकरणों के साथ तैनात रहेंगी। कांवड़ मेले के सफल संचालन के लिए पुलिस के साथ जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग नगर निकाय परिवहन विभाग विद्युत विभाग जल संस्थान एसडीआरएफ अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। अंत में एसएसपी श्वेता चौबे ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि टिहरी पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना नहीं बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सेवा सुरक्षा और सम्मान का ऐसा अनुभव देना है कि वह अपने राज्य लौटते समय उत्तराखंड और टिहरी पुलिस की सकारात्मक अनुशासित और भरोसेमंद छवि अपने साथ लेकर जाए। उन्होंने सभी कार्मिकों से सेवा भाव अनुशासन संवेदनशीलता और पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

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