प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अटल मिशन फॉर रीजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) 2.0 के अंतर्गत संचालित कर्णप्रयाग पेयजल योजना के तहत रिठोली–सुंदरखाल मोटर मार्ग पर निर्माणाधीन पेयजल टैंक का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने और व्यक्तिगत पेयजल कनेक्शन का कार्य तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि 27.39 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस योजना का लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। योजना का निर्माण कार्य अगस्त 2025 में शुरू हुआ था और इसे फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत पिंडर नदी से लिफ्ट प्रणाली के माध्यम से पानी को दो मुख्य टैंकों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद जल संस्थान की पूर्व से स्थापित कुछ संरचनाओं का उपयोग करते हुए कर्णप्रयाग क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को और सुदृढ़ किया जाएगा। योजना पूरी होने पर लगभग 3,000 पेयजल कनेक्शनों को नियमित और बेहतर जलापूर्ति का लाभ मिलेगा जिससे क्षेत्र की पेयजल वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए व्यक्तिगत पेयजल लाइन बिछाने का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ कर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि योजना का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल जल निगम और अमृत योजना से जुड़े अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कर्णप्रयाग पेयजल योजना का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण व्यक्तिगत जल कनेक्शन कार्य में तेजी के निर्देश
