प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रुड़की के मतलबपुर स्थित एक सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बिना लेबल की 351 वेजिटेबल सॉस की बोतलें सीज की गईं जबकि अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार लगभग 8 क्विंटल सॉस जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये थी मौके पर ही नष्ट करा दी गई। साथ ही संबंधित इकाई में सॉस एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण संग्रहण और विक्रय पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि जनपद में लगातार मिल रही शिकायतों तथा बाजारों में बिना लेबल के सॉस की बिक्री की सूचनाओं के आधार पर 29 जुलाई को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और पवन कुमार की टीम ने रुड़की के मतलबपुर स्थित मां भगवती फूड्स में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान इकाई में बिना लेबल की वेजिटेबल सॉस की 351 बोतलें मिलीं जिन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। जांच में पाया गया कि बोतलों पर बैच नंबर निर्माण तिथि एक्सपायरी तिथि निर्माता का नाम एवं पता एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर तथा सामग्री (इंग्रीडिएंट्स) संबंधी आवश्यक विवरण अंकित नहीं थे जो खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। छापेमारी के दौरान यह भी सामने आया कि सॉस का निर्माण अत्यंत अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ वातावरण में किया जा रहा था। निर्माण में प्रयुक्त मशीनों पर भारी गंदगी जमी हुई थी तथा दीवारों और फर्श की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से तैयार वेजिटेबल सॉस के दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला रुद्रपुर भेज दिए। निरीक्षण के दौरान संचालक पानी की जांच रिपोर्ट कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र तथा सॉस की पैकिंग में प्रयुक्त प्लास्टिक बोतलों के फूड ग्रेड प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं कर सका। लेबलिंग नियमों के उल्लंघन अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य सामग्री के निर्माण तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने के कारण फैक्ट्री में निर्मित एवं स्टॉक में रखा लगभग 8 क्विंटल सॉस जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये थी मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके साथ ही सॉस एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण संग्रहण और बिक्री पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई तथा इसकी सूचना संबंधी नोटिस फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण संग्रहण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रुड़की के मतलबपुर स्थित एक सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बिना लेबल की 351 वेजिटेबल सॉस की बोतलें सीज की गईं जबकि अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार लगभग 8 क्विंटल सॉस जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये थी मौके पर ही नष्ट करा दी गई। साथ ही संबंधित इकाई में सॉस एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण संग्रहण और विक्रय पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि जनपद में लगातार मिल रही शिकायतों तथा बाजारों में बिना लेबल के सॉस की बिक्री की सूचनाओं के आधार पर 29 जुलाई को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और पवन कुमार की टीम ने रुड़की के मतलबपुर स्थित मां भगवती फूड्स में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान इकाई में बिना लेबल की वेजिटेबल सॉस की 351 बोतलें मिलीं जिन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। जांच में पाया गया कि बोतलों पर बैच नंबर निर्माण तिथि एक्सपायरी तिथि निर्माता का नाम एवं पता एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर तथा सामग्री (इंग्रीडिएंट्स) संबंधी आवश्यक विवरण अंकित नहीं थे जो खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। छापेमारी के दौरान यह भी सामने आया कि सॉस का निर्माण अत्यंत अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ वातावरण में किया जा रहा था। निर्माण में प्रयुक्त मशीनों पर भारी गंदगी जमी हुई थी तथा दीवारों और फर्श की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से तैयार वेजिटेबल सॉस के दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला रुद्रपुर भेज दिए। निरीक्षण के दौरान संचालक पानी की जांच रिपोर्ट कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र तथा सॉस की पैकिंग में प्रयुक्त प्लास्टिक बोतलों के फूड ग्रेड प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं कर सका। लेबलिंग नियमों के उल्लंघन अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य सामग्री के निर्माण तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने के कारण फैक्ट्री में निर्मित एवं स्टॉक में रखा लगभग 8 क्विंटल सॉस जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये थी मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके साथ ही सॉस एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण संग्रहण और बिक्री पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई तथा इसकी सूचना संबंधी नोटिस फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण संग्रहण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।