प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) स्वप्निल अनिरुद्ध की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की 75वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा संरक्षण प्रदूषण नियंत्रण घाटों की स्वच्छता सीवेज प्रबंधन तथा समिति के एजेंडे में शामिल विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने गंगा संरक्षण से जुड़े कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि गंगा को साफ निर्मल एवं स्वच्छ बनाए रखना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा संरक्षण से संबंधित सभी कार्य आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कूड़ा-कचरा ठोस अपशिष्ट अथवा अन्य गंदगी गंगा में नहीं जानी चाहिए। इसके लिए घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए और गंगा में कूड़ा-कचरा डालने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएफओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा घाटों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए। घाटों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा जहां कहीं भी अतिक्रमण की स्थिति मिले वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और घाटों की स्वच्छता एवं व्यवस्था बनी रहे। बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। प्रभागीय वनाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी एसटीपी निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों तथा बिना उपचारित सीवेज किसी भी स्थिति में गंगा या उससे जुड़े जल स्रोतों में प्रवाहित न होने पाए। उन्होंने संबंधित विभागों को एसटीपी का नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करने तथा तकनीकी खामियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में गंगा संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने जनजागरूकता अभियान चलाने तथा गंगा संरक्षण के लिए जनसहभागिता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक का संचालन जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य ने किया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.के. सिंह प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी डीपीआरओ मोहम्मद मुस्तफा खां जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत आरएम सिडकुल कमल किशोर कफाल्टिया खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डॉ. अजीत सिंह एवं डॉ.रश्मि सिंह सहायक अभियंता सिंचाई अनुज बंसल जिला गंगा संरक्षण समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) स्वप्निल अनिरुद्ध की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की 75वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा संरक्षण प्रदूषण नियंत्रण घाटों की स्वच्छता सीवेज प्रबंधन तथा समिति के एजेंडे में शामिल विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने गंगा संरक्षण से जुड़े कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि गंगा को साफ निर्मल एवं स्वच्छ बनाए रखना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा संरक्षण से संबंधित सभी कार्य आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कूड़ा-कचरा ठोस अपशिष्ट अथवा अन्य गंदगी गंगा में नहीं जानी चाहिए। इसके लिए घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए और गंगा में कूड़ा-कचरा डालने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएफओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा घाटों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए। घाटों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा जहां कहीं भी अतिक्रमण की स्थिति मिले वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और घाटों की स्वच्छता एवं व्यवस्था बनी रहे। बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। प्रभागीय वनाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी एसटीपी निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों तथा बिना उपचारित सीवेज किसी भी स्थिति में गंगा या उससे जुड़े जल स्रोतों में प्रवाहित न होने पाए। उन्होंने संबंधित विभागों को एसटीपी का नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करने तथा तकनीकी खामियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में गंगा संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने जनजागरूकता अभियान चलाने तथा गंगा संरक्षण के लिए जनसहभागिता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक का संचालन जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य ने किया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.के. सिंह प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी डीपीआरओ मोहम्मद मुस्तफा खां जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत आरएम सिडकुल कमल किशोर कफाल्टिया खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डॉ. अजीत सिंह एवं डॉ.रश्मि सिंह सहायक अभियंता सिंचाई अनुज बंसल जिला गंगा संरक्षण समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।