प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गुरुवार को जनपद चमोली के सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य आमजन विशेषकर महिलाओं बच्चों युवाओं एवं श्रमिक वर्ग को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति जागरूक करना तथा इससे बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने बाजारों बस अड्डों टैक्सी स्टैंडों विद्यालयों महाविद्यालयों सार्वजनिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूपों उसके दुष्परिणामों तथा अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि नौकरी शिक्षा विवाह बेहतर भविष्य अथवा अधिक आय का झांसा देकर मानव तस्करी करने वाले गिरोह लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर देने की अपील की गई। अभियान के दौरान नागरिकों को यह भी बताया गया कि यदि कोई बच्चा महिला अथवा अन्य व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा हो या किसी के साथ जबरन मजदूरी शोषण अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की आशंका हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि समय पर दी गई एक सूचना किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। चमोली पुलिस ने आमजन से मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होकर पुलिस का सहयोग करने स्वयं जागरूक रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। पुलिस का कहना है कि समाज और पुलिस की साझा भागीदारी से ही मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गुरुवार को जनपद चमोली के सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य आमजन विशेषकर महिलाओं बच्चों युवाओं एवं श्रमिक वर्ग को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति जागरूक करना तथा इससे बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने बाजारों बस अड्डों टैक्सी स्टैंडों विद्यालयों महाविद्यालयों सार्वजनिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूपों उसके दुष्परिणामों तथा अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि नौकरी शिक्षा विवाह बेहतर भविष्य अथवा अधिक आय का झांसा देकर मानव तस्करी करने वाले गिरोह लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर देने की अपील की गई। अभियान के दौरान नागरिकों को यह भी बताया गया कि यदि कोई बच्चा महिला अथवा अन्य व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा हो या किसी के साथ जबरन मजदूरी शोषण अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की आशंका हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि समय पर दी गई एक सूचना किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। चमोली पुलिस ने आमजन से मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होकर पुलिस का सहयोग करने स्वयं जागरूक रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। पुलिस का कहना है कि समाज और पुलिस की साझा भागीदारी से ही मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।