प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। पवित्र केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण और सूखे कूड़े के प्रभावी प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन की अभिनव पहल कैरी मी बैक पॉलिसी लगातार सफल साबित हो रही है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत अब तक 7 टन सूखे कूड़े का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह अभियान उपजिलाधिकारी ऊखीमठ एवं नगर पंचायत केदारनाथ के प्रभारी अधिकारी के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। विभिन्न संस्थाओं के बेहतर समन्वय से यह पहल केदारनाथ यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभा रही है। कैरी मी बैक पॉलिसी के तहत श्रद्धालु अपनी स्वेच्छा से केदारनाथ धाम में उपलब्ध कराए गए विशेष बैग में लगभग 4 से 5 किलोग्राम सूखा कूड़ा एकत्र कर अपने साथ गौरीकुंड तक लेकर आते हैं। इसके बाद सुलभ इंटरनेशनल द्वारा एकत्रित कूड़े का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अंतिम निस्तारण किया जाता है। इस कूड़े में मुख्य रूप से प्लास्टिक की बोतलें रैपर पैकेजिंग सामग्री तथा अन्य सूखा अपशिष्ट शामिल होता है। अभियान के अंतर्गत हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन श्रद्धालुओं को कूड़ा एकत्र करने के लिए विशेष बैग उपलब्ध कराने के साथ-साथ गौरीकुंड में उसके सुरक्षित संग्रहण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करता है। वहीं सुलभ इंटरनेशनल कूड़े के परिवहन और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की जिम्मेदारी निभा रहा है। नगर पंचायत केदारनाथ के अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती ने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान कैरी मी बैक पॉलिसी के माध्यम से अब तक 7 टन सूखा कूड़ा केदारनाथ धाम से गौरीकुंड तक लाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग से यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और केदारनाथ धाम को स्वच्छ सुंदर तथा पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ धाम का संकल्प जनसहभागिता से ही सफल हो सकता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य केदारनाथ धाम की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता को सुरक्षित रखते हुए स्वच्छ एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। पवित्र केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण और सूखे कूड़े के प्रभावी प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन की अभिनव पहल कैरी मी बैक पॉलिसी लगातार सफल साबित हो रही है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत अब तक 7 टन सूखे कूड़े का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह अभियान उपजिलाधिकारी ऊखीमठ एवं नगर पंचायत केदारनाथ के प्रभारी अधिकारी के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। विभिन्न संस्थाओं के बेहतर समन्वय से यह पहल केदारनाथ यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभा रही है। कैरी मी बैक पॉलिसी के तहत श्रद्धालु अपनी स्वेच्छा से केदारनाथ धाम में उपलब्ध कराए गए विशेष बैग में लगभग 4 से 5 किलोग्राम सूखा कूड़ा एकत्र कर अपने साथ गौरीकुंड तक लेकर आते हैं। इसके बाद सुलभ इंटरनेशनल द्वारा एकत्रित कूड़े का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अंतिम निस्तारण किया जाता है। इस कूड़े में मुख्य रूप से प्लास्टिक की बोतलें रैपर पैकेजिंग सामग्री तथा अन्य सूखा अपशिष्ट शामिल होता है। अभियान के अंतर्गत हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन श्रद्धालुओं को कूड़ा एकत्र करने के लिए विशेष बैग उपलब्ध कराने के साथ-साथ गौरीकुंड में उसके सुरक्षित संग्रहण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करता है। वहीं सुलभ इंटरनेशनल कूड़े के परिवहन और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की जिम्मेदारी निभा रहा है। नगर पंचायत केदारनाथ के अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती ने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान कैरी मी बैक पॉलिसी के माध्यम से अब तक 7 टन सूखा कूड़ा केदारनाथ धाम से गौरीकुंड तक लाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग से यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और केदारनाथ धाम को स्वच्छ सुंदर तथा पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ धाम का संकल्प जनसहभागिता से ही सफल हो सकता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य केदारनाथ धाम की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता को सुरक्षित रखते हुए स्वच्छ एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है।