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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की छात्र सलाहकार समिति की ओर से कुलपति प्रो.श्री प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में बुधवार को छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य छात्र सलाहकार प्रो.एम.एम.सेमवाल ने की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शोधार्थियों के साथ संवाद कर गुणवत्तापूर्ण शोध अनुसंधान नैतिकता शैक्षणिक वातावरण तथा छात्र-शिक्षक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो.एम.एम.सेमवाल ने कहा कि छात्र सलाहकार समिति विश्वविद्यालय में सकारात्मक नैतिक और शोधोन्मुख शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों से कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध अनुसंधान नैतिकता तथा शोध पद्धति को मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के बीच संवाद सहयोग और पारस्परिक विश्वास की भावना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ शैक्षणिक परंपराओं को विकसित करने तथा आपसी सहयोग और समन्वय के माध्यम से उत्कृष्ट शोध संस्कृति के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। संयुक्त छात्र सलाहकार प्रो.सीमा धवन ने कहा कि छात्र सलाहकार समिति का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास नैतिक मूल्यों सकारात्मक सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि समिति छात्र और शिक्षक के बीच सार्थक संवाद स्थापित कर संस्कारयुक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए उप छात्र सलाहकार डॉ.कविता भट्ट ने उपनिषदों के मंत्रों का उल्लेख करते हुए भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा मिलकर आगे बढ़ने परस्पर सहयोग करने विद्वेष से दूर रहने और समाज के समग्र उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र और विश्व के कल्याण के लिए करना चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि छात्र सलाहकार समिति विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन शैक्षणिक परामर्श तथा अन्य अकादमिक गतिविधियों के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराती रहेगी। इस अवसर पर उप छात्र सलाहकार डॉ.अमरजीत परिहार ने विद्यार्थियों के बीच सहयोग समन्वय और स्वस्थ शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने पर बल दिया। कार्यक्रम में शिक्षा संकाय के शिक्षा योग एवं शारीरिक शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के शोधार्थियों ने अपने शोध और शैक्षणिक विषयों से संबंधित सुझाव एवं समस्याएं समिति के समक्ष रखीं। समिति ने सभी विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान शोधार्थियों ने शोध नैतिकता की शपथ लेते हुए संकल्प लिया कि वे अपने शोध कार्य में किसी भी प्रकार की साहित्यिक चोरी का सहारा नहीं लेंगे तथा पूर्ण ईमानदारी मौलिकता और अकादमिक सत्यनिष्ठा के साथ अनुसंधान कार्य करेंगे। इस अवसर पर डॉ.शंकर सिंह संतोष घिल्डियाल और गौरव पड़ियार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया। विश्वविद्यालय की छात्र सलाहकार समिति ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से संवाद कार्यक्रम कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि विश्वविद्यालय में रचनात्मक सकारात्मक और नैतिक शैक्षणिक वातावरण को और अधिक मजबूत बनाया जा सके तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों एवं संस्थागत विकास की दिशा में सुनिश्चित किया जा सके।

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