प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जनपद मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में पौड़ी तहसील के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों बूथ लेवल अधिकारियों तथा सुपरवाइजरों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ईआरओ एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने नोटिस तामीली दस्तावेजों के सत्यापन बीएलओ ऐप पर ऑनलाइन अपलोड सुनवाई तथा प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य त्रुटिरहित पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग की समय-सीमा और दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी एवं निष्पक्षता के साथ पालन करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नोटिस प्रत्येक दस्तावेज और प्रत्येक बीएलओ आख्या पूरी तरह प्रमाणिक तथ्यपरक और समयबद्ध होनी चाहिए। सुनवाई की निर्धारित तिथि से कम से कम सात दिन पहले संबंधित मतदाता को नोटिस तामील कराया जाना अनिवार्य है। नोटिस तामीली का फोटोग्राफ बीएलओ ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे तथा सभी अभिलेखों और उपस्थिति संबंधी विवरण को समयबद्ध तरीके से ऐप पर अपलोड करेंगे। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में बीएलओ की आख्या स्पष्ट तथ्यपरक और साक्ष्यों पर आधारित हो। औपचारिक अथवा सामान्य टिप्पणी से बचते हुए प्रत्येक मामले के अनुरूप स्पष्ट मंतव्य दर्ज किया जाए। उन्होंने बताया कि बीएलओ आख्या केवल एक बार ही अपलोड की जा सकती है इसलिए तीन सदस्यीय समिति के हस्ताक्षरों और सभी विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान करने के बाद ही उसे डिजिटाइज कर अपलोड किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक नोटिस से संबंधित दस्तावेजों और बीएलओ आख्या का अलग-अलग संकलन किया जाए ताकि सुनवाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। आवश्यकता पड़ने पर फिजिकल सुनवाई भी कराई जाएगी तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सभी प्रकरणों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की विसंगतियों अलग-अलग आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों बीएलओ आख्या तैयार करने की प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी पौड़ी दृष्टि आनंद कोट अमित बिजल्वाण नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार तहसीलदार राजेंद्र गिरी गोस्वामी राजपाल लिंगवाल सुबोध भट्ट शैलेंद्र रावत दिनेश नौटियाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जनपद मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में पौड़ी तहसील के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों बूथ लेवल अधिकारियों तथा सुपरवाइजरों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ईआरओ एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने नोटिस तामीली दस्तावेजों के सत्यापन बीएलओ ऐप पर ऑनलाइन अपलोड सुनवाई तथा प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य त्रुटिरहित पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग की समय-सीमा और दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी एवं निष्पक्षता के साथ पालन करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नोटिस प्रत्येक दस्तावेज और प्रत्येक बीएलओ आख्या पूरी तरह प्रमाणिक तथ्यपरक और समयबद्ध होनी चाहिए। सुनवाई की निर्धारित तिथि से कम से कम सात दिन पहले संबंधित मतदाता को नोटिस तामील कराया जाना अनिवार्य है। नोटिस तामीली का फोटोग्राफ बीएलओ ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे तथा सभी अभिलेखों और उपस्थिति संबंधी विवरण को समयबद्ध तरीके से ऐप पर अपलोड करेंगे। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में बीएलओ की आख्या स्पष्ट तथ्यपरक और साक्ष्यों पर आधारित हो। औपचारिक अथवा सामान्य टिप्पणी से बचते हुए प्रत्येक मामले के अनुरूप स्पष्ट मंतव्य दर्ज किया जाए। उन्होंने बताया कि बीएलओ आख्या केवल एक बार ही अपलोड की जा सकती है इसलिए तीन सदस्यीय समिति के हस्ताक्षरों और सभी विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान करने के बाद ही उसे डिजिटाइज कर अपलोड किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक नोटिस से संबंधित दस्तावेजों और बीएलओ आख्या का अलग-अलग संकलन किया जाए ताकि सुनवाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। आवश्यकता पड़ने पर फिजिकल सुनवाई भी कराई जाएगी तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सभी प्रकरणों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की विसंगतियों अलग-अलग आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों बीएलओ आख्या तैयार करने की प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी पौड़ी दृष्टि आनंद कोट अमित बिजल्वाण नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार तहसीलदार राजेंद्र गिरी गोस्वामी राजपाल लिंगवाल सुबोध भट्ट शैलेंद्र रावत दिनेश नौटियाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।