प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति डीएलआरसी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वार्षिक ऋण-जमा उपलब्धि ऋण-जमा अनुपात सीडी रेशियो बैंकिंग नेटवर्क तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के वाहन एवं गैर-वाहन मद होम स्टे तथा स्पेशल कंपोनेंट प्लान सहित विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों स्वीकृत ऋण एवं वितरित ऋण की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वपूर्ण ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने की स्थिति में अस्वीकृति का स्पष्ट कारण दर्ज किया जाए ताकि संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने 40 प्रतिशत से कम ऋण-जमा अनुपात वाले बैंकों को सीडी रेशियो में सुधार लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों को बैंकिंग प्रक्रिया के लिए अनावश्यक रूप से बार-बार बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए संबंधित विभागों एवं बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए ऋण आवेदनों के निस्तारण की समय-सीमा निर्धारित की जाए। साथ ही बैंकों द्वारा अस्वीकृत किए गए ऋण आवेदनों की विभागीय स्तर पर भी समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि आगामी तिमाही बैठक में शाखावार निर्धारित लक्ष्य एवं उसके सापेक्ष प्राप्त उपलब्धि की विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं ताकि योजनाओं की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके। बैठक में लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत निर्धारित 650 के लक्ष्य के सापेक्ष 629 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें से 254 आवेदनों पर ऋण वितरित किया जा चुका है जबकि शेष आवेदनों पर कार्यवाही गतिमान है। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 1,509 आवेदनों के सापेक्ष 1,103 आवेदनों पर ऋण वितरण किया गया है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के वाहन मद में 6 के लक्ष्य के सापेक्ष 3 तथा गैर-वाहन मद में 19 के लक्ष्य के सापेक्ष 5 आवेदनों पर ऋण वितरित किया गया। वहीं होम स्टे योजना के तहत 42 आवेदनों के सापेक्ष 9 आवेदनों पर ऋण वितरण की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में जनपद का ऋण-जमा अनुपात 26.76 प्रतिशत रहा। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की स्वरोजगार एवं आजीविका से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसलिए बैंक एवं विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से ऋण सुविधा उपलब्ध कराएं ताकि योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सके। बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह आरबीआई देहरादून से रजनीश सैनी नाबार्ड से श्रेयांश जोशी सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
