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योग शरीर की क्रिया नहीं आत्मा की गति है महामंडलेश्वर आदि योगी पुरी महाराज

प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार 21 जून योग दिवस के अवसर पर जनपद में बृहद्ध स्तर पर योगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनपद का मुख्य कार्यक्रम प्रेम नगर आश्रम में हुआ,जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर आदि योगी पुरी महाराज (निरंजनी अखाड़ा) के उद्घाटन मंत्रों और आशीर्वचन से हुआ।जब सूर्य की पहली किरण गंगा के किनारे आश्रम की सीढ़ियों से झांक रही थी,तब प्रेम नगर आश्रम के विशाल प्रांगण में श्रद्धा,साधना और स्वास्थ्य का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को केवल एक आयोजन नहीं,अपितु योग और आत्मा के मिलन का दिव्य अनुष्ठान बना दिया।आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं विभाग,उत्तराखंड और राष्ट्रीय आयुष मिशन हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह आयोजन हरिद्वार जनपद में सबसे अधिक जनसहभागिता वाला कार्यक्रम बनकर उभरा,जिसमें 850 से अधिक योग साधकों ने भाग लिया।संतों की उपस्थिति, साधकों की श्रद्धा और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर आदि योगी पुरी महाराज (निरंजनी अखाड़ा) के उद्घाटन मंत्रों और आशीर्वचन से हुआ। उन्होंने योग के गूढ़ार्थ को समझाते हुए कहा-योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है,यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सरल,मौन और शाश्वत मार्ग है। आज जब संसार चिंता,भय और अस्थिरता से जूझ रहा है,तब योग ही वह शांति-पथ है जो मानवता को भीतर से जोड़ता है।विशिष्ट अतिथि महात्मा हरि संतोषआनंद महाराज,महासचिव प्रेम नगर आश्रम,ने योग को सेवा और करुणा से जोड़ते हुए कहा कि सच्चा योग वहीं है,जो भीतर की स्वार्थहीनता को जागृत करे और बाहर की अराजकता को शांत करे।समाज,शिक्षा और प्रशासन की प्रभावशाली भागीदारी
इस आयोजन में केवल संतवर्ग ही नहीं,हरिद्वार की प्रशासनिक,शैक्षिक और सामाजिक शक्तियों,महिलाओं,बच्चों,वृद्धजनों की प्रभावी सहभागिता रही।डॉ.अनुपम जग्गा (प्रधानाचार्य, डीपीएस),राजेन्द्र प्रसाद (प्रधानाचार्य, वंदे मातरम कुंज),आशुतोष भंडारी (जिला शिक्षा अधिकारी),अमरीश चौहान (निर्वाचन विभाग),मीरा रावत (आपदा प्रबंधन विभाग),एसडीएम लक्सर और हरिद्वार,उमा पांडेय,उमाशंकर,डॉ.राजीव कराले,और गोविंद कुर्ल जैसे विविध क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने योग को संपूर्ण समाज का आंदोलन बनाने की एक सशक्त झलक दी।सभी अतिथियों ने मंच से योग के माध्यम से ‘स्वस्थ मन,सशक्त राष्ट्र’ की दिशा में प्रदेश और राष्ट्र की भूमिका को रेखांकित किया।नेतृत्व,योजना और चिकित्सा विशेषज्ञता का आदर्श समन्वय
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.संजय चतुर्वेदी,कार्यकारी अध्यक्ष,दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा-प्रेम नगर आश्रम की यह भूमि केवल साधना का केंद्र नहीं,वह स्थल है जहाँ योग और सेवा का वास्तविक मेल होता है। जब योग आत्मा से जुड़ता है,तब वह समाज को भी जोड़ने लगता है।डॉ.स्वास्तिक सुरेश,जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी,ने अपने संबोधन में सरकार की आयुष योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में योग दिवस जैसे आयोजनों की भूमिका स्पष्ट की।कार्यक्रम प्रभारी के रूप में डॉ.अश्वनी कौशिक और डॉ.घनेंद्र वशिष्ठ (चिकित्साधिकारी) ने सूक्ष्म योजना और अनुशासन के साथ कार्यक्रम को संचालित किया।सहयोगी संस्थानों की सूची भी गौरवशाली रही—डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल,दिल्ली पब्लिक स्कूल,डिवाइन कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग,वंदे मातरम कुंज,भारतीय योग संस्थान,और मैक्स हॉस्पिटल देहरादून-जिनकी सहभागिता ने इस कार्यक्रम को संपूर्ण आयाम प्रदान किया।कार्यक्रम की विशेषताएं संतों,समाजसेवियों और प्रशासनिक अधिकारियों का समान मंच पर योगासनों के साथ ध्यान,मंत्रजप और प्राणायाम पर विशेष बल
युवाओं,महिलाओं,वरिष्ठ नागरिकों और बालकों की समान उपस्थिति रही तथा जीवनशैली से जुड़े रोगों पर चिकित्सकीय सुझाव व परामर्श करने के साथ ही आश्रम में स्वास्थ्य पर केंद्रित प्रदर्शनी व पुस्तिका वितरण किया गया।

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