प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हिमालय दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रमुख भूगोलवेत्ताओं के जीवन और योगदान पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तक ‘Geographers of Uttarakhand’ का भव्य विमोचन किया गया। पुस्तक को अर्थ साइंस के डीन प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी और मोदी विश्वविद्यालय राजस्थान के भूगोल विभाग में एसिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.सुनील सिंह ने लिखा है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस पुस्तक में उत्तराखंड के 32 प्रमुख भूगोलवेत्ताओं की जीवनियों उनके कार्यों शोध तथा भूगोल के क्षेत्र में दिए गए योगदान का विस्तृत संकलन किया गया है। पुस्तक के विमोचन अवसर पर लेखक प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी ने कहा कि जिस प्रकार भूगोल के छात्र वर्षों से फ्रांसीसी अमेरिकी और जर्मन भूगोलवेत्ताओं का अध्ययन करते आए हैं उसी तर्ज पर उत्तराखंड के अपने प्रमुख भूगोलवेत्ताओं के कार्यों को जानने समझने संरक्षित करने और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। उन्होंने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में भूगोल विषय के पाठ्यक्रम में उत्तराखंड के भूगोलवेत्ताओं को हिस्सा बनाया गया था लेकिन अभी तक इस विषय पर कोई औपचारिक पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई थी। इससे छात्रों की वर्षों पुरानी मांग भी कुछ हद तक पूरी हुई है। लेखकों और समीक्षकों के अनुसार यह केवल शुरुआत है और ज्ञानवर्धक श्रृंखला आगे भी निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम में कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर एन.एस. पवार कुलसचिव प्रोफेसर वाई.पी.रैवानी लेखक एवं अर्थ साइंस के डीन प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी भूगोल विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनीता रुडोला तथा चौरास कैंपस के एसोसिएट निदेशक प्रो.आर. एस.नेगी सहित कई प्रमुख शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रोफेसर बी.पी.नैथानी डॉ.रंजन डॉ.रहमान डॉ.धीरज और डॉ.नरेंद्र ने भी प्रतिभाग किया। भूविज्ञान विभाग से प्रोफेसर शुक्ला प्रोफेसर मीणा और डॉ.भंडारी उपस्थित रहे। महाविद्यालयों के प्राध्यापकों में डॉ.राजेश भट्ट डॉ.मंजू भंडारी और डॉ.किरण त्रिपाठी सहित विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल हुए। उपस्थित सभी अतिथियों ने पुस्तक के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उत्तराखंड के भौगोलिक और शैक्षणिक इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।
