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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण जनसंख्या गणना के सफल पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला विकास भवन हरिद्वार स्थित ऑडिटोरियम में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित चार्ज अधिकारियों एवं अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। प्रथम चरण में घरों की गणना का कार्य सभी अधिकारियों द्वारा बेहतर ढंग से किया गया है। इसी प्रकार द्वितीय चरण की जनगणना का कार्य भी पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ किया जाए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है बल्कि यह देश की विकास योजनाओं संसाधनों के वितरण और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ ग्रहण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को शत-प्रतिशत शुद्धता पारदर्शिता और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराना सुनिश्चित किया जाए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं जनगणना निदेशालय उत्तराखण्ड देहरादून से आए उप निदेशक परवीन कुमार ने चार्ज अधिकारियों अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों जनगणना लिपिकों एवं तकनीकी सहायकों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के द्वितीय चरण की कार्यप्रणाली डिजिटल एप्लीकेशन के उपयोग स्वगणना डेटा संग्रहण सत्यापन तकनीकी प्रबंधन तथा फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित चुनौतियों के समाधान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य के दौरान आपसी समन्वय अनुश्रवण एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को द्वितीय चरण के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की प्रस्तावित समय-सारणी भी साझा की गई। इसके अनुसार स्वगणना की अवधि 16 नवम्बर 2026 से 30 नवम्बर 2026 तक रहेगी जबकि जनसंख्या गणना का कार्य 1 दिसम्बर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। अधिकारियों को दोनों चरणों से संबंधित सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा जिला जनगणना अधिकारी वैभव गुप्ता ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र सेठ उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी तहसीलदार शिवांगनी अपर सांख्यिकी अधिकारी उत्तम सिंह सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2 अमीर आलम एवं शिवम कुमार सहित जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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