प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। युवाओं को साइबर अपराध और नशे जैसी बढ़ती चुनौतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर सैल चमोली द्वारा पुलिस मैदान में एनसीसी कैडेटों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैडेटों को साइबर ठगी से बचाव के उपायों के साथ ही नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों में अपनी ऊर्जा लगाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में साइबर सैल प्रभारी उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला ने एनसीसी कैडेटों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें साइबर अपराधों के बदलते तरीकों और उनसे बचने के आसान उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठग अक्सर लोगों की जल्दबाजी लालच या डर का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। फर्जी कॉल संदिग्ध लिंक ऑनलाइन नौकरी का झांसा निवेश के नाम पर ठगी फर्जी केवाईसी और अन्य डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी से सतर्क रहने की आवश्यकता है। कैडेटों को समझाया गया कि अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई लिंक न खोलें ओटीपी अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते इसकी सूचना पुलिस को देने की अपील की गई। कार्यक्रम के दौरान नशे के विषय पर भी कैडेटों से संवाद किया गया। उन्हें बताया गया कि नशा कुछ समय के लिए आकर्षक लग सकता है लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के स्वास्थ्य परिवार पढ़ाई करियर और पूरे भविष्य को प्रभावित कर सकता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को खेल शिक्षा अनुशासन और समाज के लिए सकारात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया। उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला ने कैडेटों को जागरूकता का संदेश आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि युवा स्वयं जागरूक रहकर अपने साथियों और परिवार के सदस्यों को भी साइबर अपराध एवं नशे के प्रति सचेत कर सकते हैं। जागरूक युवा ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव बन सकते हैं। इस अवसर पर साइबर अपराध एवं नशे के दुष्परिणामों से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। इनके माध्यम से कैडेटों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सावधानियों और नशे से दूर रहने के संदेशों की जानकारी दी गई।
