एचएनबी बेस अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित नशे के दुष्प्रभाव पर दिया जोर
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।एचएनबी बेस अस्पताल में गुरुवार को international day against drug abuse and illicit trafficking के अवसर पर नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं जिनमें डॉक्टरों,नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजय विक्रम सिंह की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं,पूरे समाज को खोखला करता है। इसे रोकने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा।इस वर्ष 2025 की थीम breaking the chain: prevention, treatment and recovery for all! रही,जिसे ध्यान में रखते हुए मनोचिकित्सा विभाग के हेड डॉ.मोहित सैनी द्वारा नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव,मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव,पुनर्वास सेवाओं और परामर्श विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही नशे की अवैध तस्करी के बारे में भी जानकारी दी। मनोचिकित्सा विभाग के डॉ.पार्थ दत्ता द्वारा विभाग में पिछले सालों में नशे से संबंधित मरीजों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में विभाग में नशे सम्बन्धी मरीजों को संख्या बढ़ी है अस्पताल के मनोरोग विभाग की ओर से एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया गया जहाँ उपस्थित लोगों को नशा छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया।कार्यक्रम में डॉ.इंद्रा यादव,डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.मोहित कुमार,चीफ फार्मासिस्ट अनिल उनियाल,नर्सिंग अधिकारी,मेडिकल स्टूडेंट,जूनियर रेजिडेंट उपस्थित रहे
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एचएनबी बेस अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित नशे के दुष्प्रभाव पर दिया जोर
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।एचएनबी बेस अस्पताल में गुरुवार को international day against drug abuse and illicit trafficking के अवसर पर नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं जिनमें डॉक्टरों,नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजय विक्रम सिंह की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं,पूरे समाज को खोखला करता है। इसे रोकने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा।इस वर्ष 2025 की थीम breaking the chain: prevention, treatment and recovery for all! रही,जिसे ध्यान में रखते हुए मनोचिकित्सा विभाग के हेड डॉ.मोहित सैनी द्वारा नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव,मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव,पुनर्वास सेवाओं और परामर्श विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही नशे की अवैध तस्करी के बारे में भी जानकारी दी। मनोचिकित्सा विभाग के डॉ.पार्थ दत्ता द्वारा विभाग में पिछले सालों में नशे से संबंधित मरीजों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में विभाग में नशे सम्बन्धी मरीजों को संख्या बढ़ी है अस्पताल के मनोरोग विभाग की ओर से एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया गया जहाँ उपस्थित लोगों को नशा छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया।कार्यक्रम में डॉ.इंद्रा यादव,डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.मोहित कुमार,चीफ फार्मासिस्ट अनिल उनियाल,नर्सिंग अधिकारी,मेडिकल स्टूडेंट,जूनियर रेजिडेंट उपस्थित रहे