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घोलतीर बस दुर्घटना: जिलाधिकारी ने बनाई उच्चस्तरीय जांच कमेटी जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों का होगा निरीक्षण

प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घोलतीर के समीप गुरुवार को हुई दुखद बस दुर्घटना में लापता लोगों की खोजबीन शुक्रवार को भी जारी रही। जिलाधिकारी प्रतीक जैन की सीधी निगरानी में सर्च ऑपरेशन का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान में एसडीआरएफ,एनडीआरएफ,डीडीआरएफ और जल पुलिस की 6 टीमें विभिन्न स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। रेस्क्यू अभियान को तेज करते हुए प्रशासन द्वारा राफ्टों के माध्यम से 15 किलोमीटर तक का क्षेत्र कवर किया जा रहा है।साथ ही सोनार तकनीक का भी प्रयोग किया जा रहा है,ताकि गहराई रेसक्यो टीमो को खोजबीन में मदद मिल सके।रेस्क्यू ऑपरेशन में झोंकी गई पूरी ताकत जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने शुक्रवार प्रातःस्वयं घटना स्थल का निरीक्षण कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और टीमों से विस्तृत जानकारी ली और हर स्तर पर प्रभावी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में आधुनिक तकनीकों की मदद ली जा रही है और प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को किसी प्रकार की असुविधा न हो।घायलों का बेहतर इलाज,परिजनों से निरंतर संपर्क में प्रशासन दुर्घटना में घायल हुए 8 लोगों में से 4 का इलाज ऋषिकेश स्थित एम्स में और 4 का उपचार जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में चल रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और नियमानुसार उन्हें शीघ्र ही परिजनों को सौंपा जाएगा।प्रशासन प्रभावित परिवारों के सतत संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त कदम जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो,इसके लिए प्रशासन गंभीर एवं सजग है।उन्होंने उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है,जिसमें एआरटीओ,पुलिस,लोक निर्माण विभाग और एनएच के अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा करेगी। साथ ही छोटे से छोटे दुर्घटना संभावित जोन को चिन्हित कर वहां साइनेज,पैराफिट्स और सुरक्षा अवसंरचनाओं की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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