पौड़ी गढ़वाल में बाल श्रम की रोकथाम को लेकर विशेष अभियान रेस्टोरेंट और दुकानों का किया गया निरीक्षण
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने को लेकर जिला प्रशासन पौड़ी गढ़वाल द्वारा सतत प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार के निर्देशन में विकासखंड दुगड्डा क्षेत्र के सुभाष बाजार,मोती बाजार,धनीराम बाजार और पहाड़गंज में बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम को लेकर विशेष संयुक्त अभियान चलाया गया।इस अभियान में जिला बाल कल्याण समिति,जिला बाल संरक्षण इकाई डीसीपीयू और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की संयुक्त टीमों ने भाग लिया।अभियान के तहत स्थानीय रेस्टोरेंट,सैलून,किराना और कपड़े की दुकानों, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान संभावित बाल श्रमिकों से संवेदनशीलता एवं गोपनीयता के साथ बातचीत की गयी और उनकी पारिवारिक व कार्यस्थल से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटायी गयी। जिला परिवीक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि यह अभियान जून और जुलाई माह में लगातार संचालित किया जायेगा। इस दौरान संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर उन्हें विशेष निगरानी में लिया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बाल श्रम कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ जनसहभागिता के बिना सफलता संभव नहीं। आने वाले दिनों में इस तरह के अभियान और अधिक व्यापक रूप से चलाये जाएंगे,ताकि बाल अधिकारों की रक्षा करते हुये जिले को पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाया जा सके।
Spread the love
पौड़ी गढ़वाल में बाल श्रम की रोकथाम को लेकर विशेष अभियान रेस्टोरेंट और दुकानों का किया गया निरीक्षण
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने को लेकर जिला प्रशासन पौड़ी गढ़वाल द्वारा सतत प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार के निर्देशन में विकासखंड दुगड्डा क्षेत्र के सुभाष बाजार,मोती बाजार,धनीराम बाजार और पहाड़गंज में बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम को लेकर विशेष संयुक्त अभियान चलाया गया।इस अभियान में जिला बाल कल्याण समिति,जिला बाल संरक्षण इकाई डीसीपीयू और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की संयुक्त टीमों ने भाग लिया।अभियान के तहत स्थानीय रेस्टोरेंट,सैलून,किराना और कपड़े की दुकानों, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान संभावित बाल श्रमिकों से संवेदनशीलता एवं गोपनीयता के साथ बातचीत की गयी और उनकी पारिवारिक व कार्यस्थल से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटायी गयी। जिला परिवीक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि यह अभियान जून और जुलाई माह में लगातार संचालित किया जायेगा। इस दौरान संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर उन्हें विशेष निगरानी में लिया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बाल श्रम कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ जनसहभागिता के बिना सफलता संभव नहीं। आने वाले दिनों में इस तरह के अभियान और अधिक व्यापक रूप से चलाये जाएंगे,ताकि बाल अधिकारों की रक्षा करते हुये जिले को पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाया जा सके।