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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस मुख्यालय स्तर से संचालित साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 एवं साइबर जागरूकता माह के अंतर्गत रुद्रप्रयाग पुलिस की ओर से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आमजन और छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव महिला एवं बाल सुरक्षा नशे के दुष्प्रभावों तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में 15 अक्टूबर 2026 को जीआईसी कोठगी घोलतीर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में निरीक्षक अशोक कुमार उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान उपनिरीक्षक जयवीर हेड कांस्टेबल अनूप लिंगवाल और कांस्टेबल देवेंद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देते हुए सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 के तहत बढ़ते साइबर अपराधों ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधियों की ओर से अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि थोड़ी-सी सतर्कता और डिजिटल सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करके साइबर ठगी से बचा जा सकता है। छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल सुरक्षित रखने प्रोफाइल लॉक करने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने की सलाह दी गई। साथ ही निजी जानकारियां और गोपनीय विवरण अनजान व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करने के लिए जागरूक किया गया। डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के संबंध में पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी पुलिस सीबीआई कस्टम अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से लोगों को डराते-धमकाते हैं और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धनराशि की मांग करते हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहने और उनके झांसे में नहीं आने की अपील की गई। फर्जी ट्रेडिंग और निवेश संबंधी धोखाधड़ी के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड और व्हाट्सएप वीआईपी ग्रुपों के माध्यम से कम समय में अत्यधिक मुनाफा कमाने का लालच देते हैं। वे फर्जी मुनाफा दिखाकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते हैं और धनराशि निकालने के समय टैक्स अथवा अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग करके ठगी करते हैं। छात्र-छात्राओं को ऐसे अविश्वसनीय निवेश प्रस्तावों से सावधान रहने के लिए कहा गया। मैट्रिमोनियल फ्रॉड के संबंध में पुलिस टीम ने बताया कि जालसाज विदेशी नागरिक अथवा एनआरआई बनकर शादी का प्रस्ताव देते हैं और महंगे उपहार भेजने का झांसा देकर कस्टम शुल्क के नाम पर धनराशि मांगते हैं। ऐसे प्रस्तावों की सत्यता जांचे बिना किसी भी व्यक्ति को धनराशि नहीं भेजनी चाहिए। साइबर वित्तीय ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति भी छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। घरेलू हिंसा महिला संबंधी अपराधों बाल उत्पीड़न और अन्य आपराधिक गतिविधियों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 1090 चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सहायता नंबर 112 की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के बारे में बताया गया। बच्चों के अधिकारों उनकी सुरक्षा और कानूनी सहायता के महत्व से भी अवगत कराया गया। नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस टीम ने बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक मानसिक और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने अपनी ऊर्जा का सकारात्मक गतिविधियों में उपयोग करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात नियमों के पालन को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम में विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीम ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के महत्व को समझाते हुए छात्र-छात्राओं से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्हें नाबालिग अवस्था में वाहन नहीं चलाने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की जानकारी दी गई। साथ ही निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। रुद्रप्रयाग पुलिस ने आमजन से अपील की कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें। अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करें तथा ऑनलाइन निवेश और मुनाफे के अविश्वसनीय प्रस्तावों से सावधान रहें। साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने लोगों से स्वयं जागरूक बनने और दूसरों को भी जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

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