प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गुरुवार को पैनल अधिवक्ताओं एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम एलएडीसीएस के अधिवक्ताओं की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता सिविल जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम ने की। बैठक में पैनल अधिवक्ताओं के लिए जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही अधिवक्ताओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सचिव नाजिश कलीम ने कहा कि निःशुल्क विधिक सहायता के अंतर्गत आने वाले मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिवक्ता विधिक सहायता प्राप्त कर रहे लाभार्थियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें ताकि उन्हें अपने प्रकरण की प्रगति की जानकारी मिलती रहे। उन्होंने प्रकरणों से संबंधित अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से संधारित करने और कार्य निष्पादन का पूरा विवरण रखने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान पैनल अधिवक्ताओं एवं एलएडीसीएस के कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें लंबित प्रकरणों की स्थिति और लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सेवाओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि वे नई एसओपी के प्रावधानों का गंभीरता से अनुपालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि विधिक सहायता के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को न्याय तक पहुंच उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को प्रभावी गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी अधिवक्ता आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। नई एसओपी के अनुरूप कार्य करने से विधिक सहायता सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने और जरूरतमंद लोगों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
