प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल जनपद में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्यटन गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 को उन्होंने कोटी कॉलोनी स्थित टिहरी झील के बोटिंग प्वाइंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों बोटिंग संचालन भुगतान व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों में कई कमियां सामने आईं। जिलाधिकारी ने इन कमियों पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बोटिंग संचालन के लिए तेल रखे जाने वाले स्थान पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं मिले। तेल के रखरखाव की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा संबंधी संकेतक भी नहीं लगाए गए थे। जिलाधिकारी ने बोटिंग स्थल पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक लगाने और अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने टिकट काउंटर पर तत्काल सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने तथा इसे पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाने को भी कहा। बोटिंग के भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भुगतान केवल टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण टाडा अथवा पंजीकृत बोट यूनियन के अधिकृत खाते में ही लिया जाए। इसके लिए टाडा या पंजीकृत बोट यूनियन का क्यूआर कोड उपलब्ध कराने को कहा गया। व्यवस्था पूर्ण होने तक सभी भुगतान टाडा के सरकारी खाते के क्यूआर कोड के माध्यम से ही लिए जाएंगे। बोट संचालकों के समूह में व्यक्तिगत स्तर पर भुगतान लेने की व्यवस्था को अनुचित बताते हुए जिलाधिकारी ने इसमें तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने देर शाम सूर्यास्त के बाद भी जेट स्की और बोटिंग जैसी गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया। उन्होंने निर्धारित समय के बाद इन गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की संख्या अधिक होने पर भी सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जा सकती। सूर्यास्त होते ही टिकट काउंटर बंद करने और निर्धारित समय के बाद किसी भी पर्यटक को बोटिंग की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए गए। नियमों का उल्लंघन कर देर शाम तक बोटिंग या जेट स्की संचालित करने वाले संचालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करने को भी कहा गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने टाडा कार्यालय का औचक निरीक्षण कर संबंधित पत्रावलियों की जांच की। इस दौरान बोटिंग से संबंधित अभिलेख सेवा प्रमाणपत्र और लेखा मिलान यानी अकाउंट रिकन्सिलिएशन अद्यतन एवं संतोषजनक नहीं पाए गए। प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए उपजिलाधिकारी टिहरी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति को संबंधित अभिलेखों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन ने इससे पहले गुरुवार को कीर्तिनगर क्षेत्र के मूल्यागांव में संचालित मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल को भी सील किया था। वहां सुरक्षा मानकों में कमी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की पार्किंग की समस्या सामने आई थी। निरीक्षण के दौरान बंजी जंपिंग स्थल पर आपातकालीन चिकित्सा उपकरण उपलब्ध नहीं पाए गए थे। वहीं पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण राजमार्ग पर वाहन खड़े किए जा रहे थे। इन कमियों के चलते प्रशासन ने बंजी जंपिंग स्थल को सील करने की कार्रवाई की थी। मूल्यागांव में कार्रवाई के बाद अब टिहरी झील के बोटिंग प्वाइंट और टाडा की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर प्रशासन की सख्ती स्पष्ट की है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्यटन से जुड़ी किसी भी गतिविधि में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों और संचालकों को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा ताकि पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
