प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। सूबे के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत नव उच्चीकृत 62 विद्यालयों का शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से ई लोकार्पण किया। इसके साथ ही सभी उच्चीकृत विद्यालयों में बड़ी कक्षाओं का संचालन विधिवत शुरू हो गया है। विद्यालयों के उच्चीकरण से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। वे अपने ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रदेश में ड्रॉपआउट दर में भी कमी आने की उम्मीद है। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब के स्टूडियो से शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इन विद्यालयों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में गुणवत्तापरक शिक्षा के विस्तार के लिए लगातार कदम उठा रही है। सरकार ने प्रदेशभर के 62 विद्यालयों का उच्चीकरण किया है। इनमें 8 विद्यालय हाईस्कूल स्तर और 54 विद्यालय इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किए गए हैं। जनपदवार विवरण के अनुसार पौड़ी और चमोली में 4-4 विद्यालयों का उच्चीकरण किया गया है। रुद्रप्रयाग उत्तरकाशी देहरादून अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में 3-3 विद्यालय उच्चीकृत हुए हैं। टिहरी और बागेश्वर में 5-5 विद्यालयों का उच्चीकरण किया गया है। हरिद्वार में 7 और नैनीताल में 6 विद्यालय उच्चीकृत किए गए हैं। वहीं चंपावत और ऊधमसिंह नगर में 8-8 विद्यालयों का उच्चीकरण किया गया है।डॉ.रावत ने कहा कि इन विद्यालयों के उच्चीकरण की मांग स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से की जा रही थी। यहां तक कि पिथौरागढ़ के जिबली और चमोली के मानमती में विद्यालयों के उच्चीकरण की मांग को लेकर लोगों को धरने पर भी बैठना पड़ा था। राज्य सरकार ने इन सभी लोगों की मांगों को पूरा कर दिया है और अब इन विद्यालयों में बड़ी कक्षाओं का संचालन विधिवत शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि उच्चीकृत कक्षाओं में छात्र-छात्राओं के प्रवेश शुरू कर दिए गए हैं। अब बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। विद्यालयों के उच्चीकरण से बच्चों को बड़ी कक्षाओं में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। साथ ही प्रदेश में ड्रॉपआउट दर में भी कमी आएगी। शिक्षा मंत्री ने मुख्य शिक्षा अधिकारियों को उच्चीकृत विद्यालयों में फर्नीचर और शिक्षकों की कमी दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इंटरमीडिएट तक ड्रॉपआउट दर शून्य करने तथा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में शत-प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में थराली विधायक भोपाल राम टम्टा और गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान उपस्थित रहे। इसके अलावा विद्यालयी शिक्षा सचिव ज्योति यादव और एससीईआरटी निदेशक वंदना गब्र्याल सहित माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार सिमल्टी और प्राथमिक शिक्षा निदेशक केएस रावत मौजूद रहे। उप निदेशक जेपी काला और देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल तथा वित्त नियंत्रक वीरेंद्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। वहीं अन्य जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों सहित 150 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं उनके अभिभावकों शिक्षकों स्थानीय विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
