प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। प्रमुख परियोजनाओं में आवश्यकता के अनुसार दिन और रात की पाली में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम से प्राप्त रिपोर्ट और ऑनलाइन माध्यमों से उपलब्ध जानकारी के साथ स्थलीय निरीक्षण के जरिए कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। समीक्षा के आधार पर उच्चाधिकारी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक निर्देश जारी कर रहे हैं। इसी क्रम में मेलाधिकारी सोनिका के निर्देशानुसार अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने पिछली मध्य रात्रि विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने खड़खड़ी में सूखी नदी पर निर्माणाधीन पुल का जायजा लिया। इसके साथ ही भूपतवाला से जटवाड़ा पुल तक पुराने दिल्ली-नीति पास मार्ग पर चौड़ीकरण और फुटपाथ निर्माण सहित अन्य संबंधित कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने घाटों पर चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने प्रमुख निर्माण कार्यों में जरूरत के अनुसार श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और निर्धारित समयसीमा का पालन करते हुए गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से तृतीय पक्ष से जांच कराने पर भी जोर दिया गया। कंट्रोल रूम और ऑनलाइन माध्यमों से हो रही निरंतर निगरानी मेलाधिकारी सोनिका के निर्देशानुसार रोशनाबाद स्थित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में स्थापित कंट्रोल रूम से मेला क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की दैनिक प्रगति और विभिन्न पालियों में किए जा रहे कार्यों की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यमों से भी निर्माण गतिविधियों और प्रगति पर उच्चाधिकारी लगातार नजर रख रहे हैं। ऑनलाइन विवरण और पालीवार रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि निर्माण कार्यों में तेजी बनी रहे और सामने आने वाली कमियों का समय रहते निराकरण किया जा सके। मेला प्रशासन कार्यस्थलवार प्रगति की समीक्षा कर यह सुनिश्चित कर रहा है कि निर्माण स्थलों पर पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहें और कार्य निर्धारित गति से आगे बढ़ें। जिन स्थलों पर श्रमिकों की तैनाती अपेक्षा से कम पाई जाती है अथवा कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं होती वहां संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सुधार करने तथा श्रमबल बढ़ाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। दैनिक रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने की स्थिति में भी संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। समयबद्धता के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर कंट्रोल रूम से प्राप्त रिपोर्ट और ऑनलाइन निगरानी के साथ स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। इससे कार्यस्थलों पर आने वाली बाधाओं और कमियों की पहचान कर उनके समाधान के लिए समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिल रही है। रिपोर्ट में दर्ज प्रगति का मौके पर सत्यापन कर निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया जा रहा है। मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को सभी निर्माण स्थलों पर कार्यों का विवरण दर्शाने वाले सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन बोर्डों पर कार्य का नाम और स्वीकृत लागत के साथ कार्य शुरू होने की तिथि तथा पूरा होने की निर्धारित तिथि स्पष्ट रूप से अंकित की जानी है। इसके अलावा संबंधित ठेकेदारों और अभियंताओं के दूरभाष नंबर भी बोर्ड पर दर्ज करने होंगे। इससे निर्माण कार्यों से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध होने के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। कुंभ मेला 2027 के मद्देनजर सड़कों और पुलों के साथ घाटों तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना मेला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय समन्वय और पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता के साथ नियमित निगरानी तथा गुणवत्ता जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे हों और कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
