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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की पहल आई4सी और पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड के निर्देशानुसार साइबर जागरूक उत्तराखंड सुरक्षित डिजिटल उत्तराखंड थीम के तहत टिहरी गढ़वाल पुलिस का साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में कोतवाली मुनिकीरेती पुलिस और साइबर टीम ने मुनिकीरेती में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान श्रद्धालुओं स्थानीय नागरिकों और दर्शकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने लोगों को ऑनलाइन ठगी साइबर धोखाधड़ी फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही फर्जी लिंक के जरिए ठगी डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों और ऑनलाइन खरीदारी के दौरान होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के उपाय भी बताए गए। पुलिस टीम ने आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी बैंक खाते से संबंधित विवरण और पासवर्ड साझा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई ठगने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल संदेश या ऑनलाइन गतिविधि के प्रति सतर्क रहना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन किए धनराशि हस्तांतरित न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। पुलिस टीम ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की जानकारी दी। इसके साथ ही आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। टिहरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार के सदस्यों मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। सतर्कता और सावधानी ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। टिहरी पुलिस ने संदेश दिया कि आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

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